इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर की धरा मेरे लिए तीर्थ के समान है क्योंकि पहली बार यहीं मुझे गुरु आचार्य विद्यासागर के दर्शन का लाभ मिला था। 35 साल पहले मैं इंदौर में चार वर्ष रही। उदासीन आश्रम में रहते हुए धर्म की शिक्षा ली। समय के साथ इंदौर में बड़ा बदलाव आया है। इसने स्वच्छता में विशेष पहचान बनाई है। हर व्यक्ति का लक्ष्य खुशी को प्राप्त करना है। यह खुशी हासिल करने की क्षमता हर आत्मा में है। संत का सान्निध्य सिर्फ उस क्षमता से व्यक्ति का परिचय कराता है।

यह बात दिगंबर जैन संत आचार्य विद्यासागर की शिष्या आर्यिका पूर्णमति माता ने शनिवार को इंदौर आगमन पर कही। 29 साल बाद इंदौर आगमन पर जैन मंदिर विजय नगर में उन्होंने चर्चा में कहा कि इंदौर के जैन समाज में धर्म प्रभावना की प्रबल इच्छा है। सारा समाज एक माला में पिरोए मोतियों के समान है। जैसे माला के मोती अलग-अलग होते हैं उसी तरह लोगों की भावना भी अलग-अलग हो सकती है। मनमुटाव दो भाई और परिवार में भी हो जाता है।

भक्तों ने दिया स्वर कोकिला नाम - आर्यिका पूर्णमति माता अपनी मीठी आवाज के चलते स्वर कोकिला के नाम से जानी जाती हैं। वे कहती हैं यह नाम मुझे भक्तों ने दिया। मैं जब चार-पांच वर्ष की थी तो गुरु विद्यासागर महाराज के दर्शन का अवसर मिला था। उस वक्त मैंने उन्हें भजन सुनाया तो उन्होंने उस वक्त ही कह दिया था कि यह जिसकी भी कन्या है बड़ी होकर संत बनकर समाज को मार्गदर्शित करेगी।

इंदौर में पहला चातुर्मास, 45 हजार किलोमीटर विहार - आर्यिका पूर्णमति माता का यह 34वां चातुर्मास है जो पहली बार इंदौर में हो रहा है। वे कहती हैं चातुर्मास का स्थान गुरु आज्ञा के अनुसार तय होता है। अब तक लगभग 45 हजार किलोमीटर का विहार कर चुकी हूं। चातुर्मास आचार-विचार के साथ आत्म शुद्धि के लिए होता है। इसका उद्देश्य भी जन-जन में आत्म शुद्धि का भाव लाना है। सभी आनंद से जीएं। इस बार भी हर बार की तरह जनमानस की भावना के अनुरूप प्रवचन के विषय तय किए जाएंगे। यह ठीक उसी प्रकार होगा जैसे भूखे को भोजन की और प्यासे को पानी की आवश्यकता होती है।

मंगल प्रवेश जुलूस की अगवानी के लिए जुटेंगे हजारों समाजजन - आर्यिका पूर्णमति माता का आठ सदस्यों के संघ के साथ मंगल प्रवेश जुलूस 3 जुलाई को सुबह 7 बजे सत्यसाईं चौराहे से होगा। इसमें सकल दिगंबर जैन समाज के बैनरतले हजारों समाजजन जुटेंगे। जुलूस सत्यसाईं चौराहा, एलआइजी चौराहा, पलासिया चौराहा होते हुए कंचनबाग स्थित समोशरण मंदिर पहुंचेगा। इसके बाद धर्मसभा होगी। संयोजक सचिन जैन व मीडिया प्रभारी राहुल जैन ने बताया कि वे करीब 300 किमी का पैदल विहार कर इंदौर आई हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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