इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सड़क दुर्घटना में घायल सिरपुर गीतानगर में रहने वाले 10 वर्षीय आवेद पुत्र मोहम्मद इमरान को उसके दादा और मां बुधवार को लोडिंग आटो में लेकर डीआइजी कार्यालय पहुंचे।यहां पुलिस से मिलने के बाद उनकी शिकायत का निराकरण नहीं हो सका है।

दादा हाजी मोहम्मद ने बताया कि 20 सितंबर को एक बाइक चालक ने उनके पोते को टक्कर मार दी थी। बच्चे के दोनों पैर फ्रेक्चर हो गए। लोगों ने बाइक चालक को घेरा तो उसने बच्चे को भर्ती कराने का कहा और बाइक पर बैठाकर निजी अस्पताल ले आया। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उसने डाक्टरों से कहा कि बच्चा खेलते समय छत से गिर गया है। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद वह वहां से भाग गया। अस्पताल प्रबंधन ने जब बच्चे के स्वजनों को फोन कर इलाज के रुपये मांगे तो उन्हे दुर्घटना की जानकारी मिली। इसके बाद स्वजन शिकायत करने चंदन नगर थाने पहुंचे तो पुलिस ने एमएलसी मांगी। स्वजन अस्पताल पहुंचे और एमएलसी की मांग की तो प्रबंधन ने 7000 रुपये मांगे। साथ ही डाक्टर का कहना था कि पहले कागज पर बाइक चालक से लिखवाकर लाओ कि दोनों के बीच राजीनामा हो गया है। इसके बाद ही वे एमएलसी देंगे।

पिता इमरान ने बताया कि बच्चे की दुर्घटना की शिकायत में न तो पुलिस साथ दे रही है और न ही डाक्टर एमएलसी कर रहे हैं। वहीं डीआइजी कार्यालय में भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस उल्टा धमकी देती है कि यदि अब थाने आओगे तो बच्चे के दादा और पिता पर कार्रवाई कर देंगे। पुलिस को गाड़ी नंबर भी दे दिया है। फोटो में आरोपित गाड़ी पर बच्चे को ले जाते हुए भी दिखाई दे रहा है। चंदन नगर थाना प्रभारी से भी मिले और उन्हें बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी बाइक से टक्कर लगते हुए देखा है, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

बहू के जेवर बेचकर चुकाए इलाज के रुपये

दादा ने बताया कि टक्कर मारने वाला चालक बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराकर भाग गया। अस्पताल प्रबंधन ने हम लोगों से रुपये मांगे। रुपये नहीं थे तो बहू के जेवर बेचना पड़े। पुलिस को भी पूरी जानकारी दे दी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

Posted By: gajendra.nagar

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