इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर की दूसरी सबसे धनी व्यापारी संस्था इंदौर लोहा व्यापारी एसोसिएशन (इल्वा) में घोषित तारीख पर संस्था के चुनाव नहीं हुए। जिस तारीख को चुनाव होना थे उस दिन संस्था के सदस्य व्यापारियों के पास पदाधिकारियों का एक पत्र पहुंच गया कि संस्था का विधान बदल दिया गया है। संस्था में चुनाव घोषित होने के बाद विधान बदलने की घोषणा ने अब नया विवाद खड़ा कर दिया है। मार्च 2021 में जिस कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त हो गया था, उसने मई 2022 में विधान बदलकर संस्था पर कब्जा बरकरार रखने की घोषणा कर दी है।

ताजा घटनाक्रम के बाद इल्वा में फिर से विवाद शुरू होने की आशंका जोर पकड़ने लगी है। संस्था में 8 जनवरी 2022 को चुनाव करवाने की घोषणा हुई थी। नामांकन के बाद कोरोना के नाम पर प्रक्रिया स्थगित की गई। इसके बाद दूसरा पक्ष कोर्ट पहुंचा और अप्रैल में उच्च न्यायालय से चुनाव करवाने के आदेश ले आया। बीते दिनों कार्यकारिणी की बैठक हुई और मौखिक घोषणा की गई कि हाई कोर्ट के आदेश के पालन में 25 जून को चुनाव होंगे। सदस्य इंतजार करते रह गए। इस बीच 24 जून की तारीख में संस्था के अध्यक्ष अमीर इंजीनियरवाला और मंत्री नंदकिशो पंचोली ने एक परिपत्र जारी कर दिया। इसमें कहा कि अब संस्था का विधान बदल दिया गया है और नए विधान के अनुसार चुनाव होंगे। सवाल उठ रहे हैं कि जिनका कार्यकाल खत्म हो गया और चुनाव नामांकन दाखिल हो गए वे पदाधिकारी आखिर नियम बदलने की घोषणा कैसे कर सकते हैं।

वर्चुअल सभा में बदले - नियम बदलने के लिए इल्वा में असाधारण सभा भी नहीं बुलाई गई। लोहा व्यापारी एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारी देवेंद्र कोठारी के अनुसार जूम पर बैठक बुलाकर संस्था का विधान बदलने की बात कही जा रही है, जबकि ऐसा हो ही नहीं सकता। वैसे भी कार्यकाल पूरा होने के बाद कोई पदाधिकारी ऐसा नहीं कर सकता। नामांकन दाखिल होने के बाद वैसे भी चुनाव अधिकारी के पास शक्तियां चली जाती हैं। संस्था में चुनाव अधिकारी को ही स्कूल का चेयरमैन बनाया गया है। ऐसे में सब मिल-जुल कर खेल कर रहे हैं। इसमें शासन के अधिकारी रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसायटी भी भागीदार है। इन सभी के खिलाफ संस्था के सदस्य कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई कर रहे हैं।

Posted By: Hemraj Yadav

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