इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Startups In Indore। शहर में पहले से जो उद्योग संचालित हो रहे हैं उन्होंने तो महामारी का समय जैसे-तैसे निकाल लिया लेकिन जो उद्योग हाल ही में शुरू हुए थे उनकी स्थिति खराब हो गई है। खासकर शहर में संचालित हो रहे स्टार्टअप की महामारी ने कमर तोड़ दी है। स्टार्टअप संचालकों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से उत्पादों को मार्केट तक लाने में सफल हुए थे लेकिन अचानक बाजार बंद होने से अब उनके उत्पादों को जनता के बीच पहुंचाने के लिए दोगुनी क्षमता लगानी पड़ रही है और इसमें पैसा भी ज्यादा लगाना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा फूड सेवा उत्पाद प्रभावित हुए है। शहर में 250 से ज्यादा स्टार्टअप संचालित हो रहे हैं। इसमें से 100 से ज्यादा फूड स्टार्टअप है।

महामारी के कारण पिछले एक साल से खाद्य सामग्री में नए प्रयोग कर घर पहुंच सेवा दे रहे स्टार्टअप संचालकों का कहना है कि लोन लेकर स्टार्टअप शुरू किया था। कुछ महीने में काफी गति से आगे बढ़े लेकिन महामारी के कारण एक साल से व्यापार नहीं कर पा रहे हैं। आनलाइन फूड रेस्टोरेंट संचालित कर रहे रितिक खथुरिया का कहना है कि महामारी के पहले 24 घंटे आनलाइन फूड सेवा देते थे लेकिन बीच में काफी समय सेवा बंद रही। इससे काफी नुकसान हुआ है। हमारी कोशिश देशभर में शाखाएं खोलने की थी लेकिन अब दो से तीन साल बाद ही इसके बारे में सोच पाएंगे।

कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पाएं

नौकरी चले जाने के बाद मुकेश यादव ने युवाओं के लिए कैफे शुरू किया लेकिन महामारी के कारण कई महीने तक कमाई नहीं होने से कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पाए। ऐसे में कर्मचारी चले गए और अब पता नहीं कैफे फिर से कब शुरू हो पाए। मुकेश का कहना है कि आठ लाख रुपये लोन लेकर किराए की जगह पर कैफे बनाया था। इसे कालेज जाने वाले युवाओं के अनुरूप तैयार किया गया था लेकिन एक साल से कालेज ठीक से खुल नहीं पाए है और बाहर रहने वाले विद्यार्थी भी शहर में नहीं है। ऐसे में काम पूरी तरह बंद है।

हेडस्टार्ट स्टार्टअप कम्यूनिटी इंदौर के कोआर्डिनेटर मुदित ठक्कर का कहना है कि इस तरह के कई स्टार्टअप को हर तरह से मदद कर रहे हैं। आइटी और आनलाइन सर्विसेस के भी कई स्टार्टअप से मिल रहे हैं और फंडिंग और अन्य तरह की मदद करवा रहे हैं। इंदौर अंत्रप्रेन्योर नेटवर्क के अतुल भरत का कहना है कि कोरोना काल में स्टार्टअप विकास नहीं कर पाए। अब शहर के अन्य सफल स्टार्टअप संचालकों के साथ मिलकर छोटे स्टार्टअप को गति देने के लिए काम कर रहे हैं। महामारी का प्रकोप अगर आगे भी जारी रहता है तो इस दौरान कैसे मजबूत बने रह सकते हैं इस बारे में बात की जा रही है और कमजोरियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

Posted By: Sameer Deshpande

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