लोकेश सोलंकी, इंदौर Stock Market Investors Indore। कोरोना के दौर ने लोगों का सामाजिक व्यहार ही नहीं निवेश की आदतें भी बदल दी है। परंपरागत तरीकों की बजाय स्टाक मार्केट यानी शेयर बाजार में निवेश अब लोगों को ज्यादा रास आ रहा। आंकड़ों के मुताबिक 24 साल में जितने निवेशक शेयर बाजार से जुड़े थे उसके मुकाबले करीब आधे निवेशक बीते 12 महीनों में ही जुड़ गए हैं। खास बात ये है कि मप्र की आर्थिक राजधानी इंदौर के निवेशक भी इसी लहर पर सवार है। शेयर बाजार में कारोबार में इंदौर की हिस्सेदारी कम से कम 300 करोड़ रुपये सालाना बढ़ती दिख रही है। शेयर बाजार में कारोबार के मामले में इंदौर देश में 11 वें नंबर पर पहुंच चुका है।

शेयर में निवेश और कारोबार के लिए डीमेट बैंक खाता अनिवार्य है। 1996 से सरकार ने शेयर कारोबार के लिए डीमेट खाते जारी करते हुए कानून लागू किया था। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार 1996 से जून 2020 तक देश में कुल डीमेट खातों की संख्या 4.32 करोड़ थी। जून 2021 में डीमेट खातों की संख्या 6.22 करोड़ पहुंच गई है। यानी बीते एक साल में एक करोड़ 90 लाख से ज्यादा नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़ गए हैं।

नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएसई) और बांबे स्टाक एक्सचेंज (बीएसई) के आंकड़े भी यही कहानी कह रहे हैं। जानकार साल-डेढ़ साल में शेयर बाजार की तेजी के साथ कोरोना के बाद बदली स्थितियों को भी इसके लिए जिम्मेदार मान रहे हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट और सेबी के पैनल में शामिल इंवेस्टर ट्रेनर सीए सुमितसिंह मोंगिया के अनुसार अगर सिर्फ नए खाते खुलते तो आंकड़े को दरकिनार भी किया जा सकता था लेकिन इसी अनुपात में स्टाक मार्केट में कारोबार यानी निवेश हो रहे रुपये का आंकड़ा भी इसी तेजी बढ़ा है। सालभर पहले तक इंदौर से हर दिन शेयर बाजार में 198 करोड़ का कारोबार हो रहा था।

इंदौर के निवेशक अब हर दिन 211 करोड़ रुपये का कारोबार शेयर बाजार में कर रहे हैं। हिसाब लगाया जाए तो इंदौर से शेयर कारोबार में कम से कम 300 करोड़ रुपये सालाना का कारोबार बढ़ गया है। सीए मोंगिया के अनुसार इंदौर भी देश मेें स्टाक मार्केट में कारोबार में हिस्सेदारी के मामले में देश में 11वें नंबर पर पहुंच गया है। पहले नंबर पर अहमदाबाद बना हुआ है। शेयर बाजार में देेश के कुल कारोबार में इंदौर के निवेशकों की हिस्सेदारी एनएसई में दशमलव तीन प्रतिश से ज्यादा और बीएसई में दशमलव 28 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

रिटर्न के साथ दूसरे कारण

शेयर बाजार में निवेश की बढ़ती प्रवृत्ति के लिए बीते डेढ़ साल से स्टाक मार्केट की तेजी को तो वजह माना ही जा रही है। सीए मोंगिया के अनुसार बीते साल 4 सितंबर को निफ्टी 11,333 पर था इस साल 4 सितंबर को निफ्टी 16323 पर पहुंच गया है। माना जा रहा है कि एक आम निवेशक को सालभर में शेयर बाजार से 30 प्रतिशत से भी ज्यादा का रिटर्न मिला है। एक ओर बढ़ा कारण है कि कोरोना काल में रोजगार और नौकरियां सीमित हुई। ऐसे में बाजार की तेजी का फायदा लेने के लिए कई लोग स्टाक ट्रेडिंग से जुड़कर कमाई करने लगे। सीए कीर्ति जोशी के अनुसार कोरोना काल में लोगों का भरोसा भी व्यक्तिगत रूप से कमजोर हुआ। ऐसे में लोग इधर-उधर पैसा लगाने की बजाय शेयर में लगाने लगे। इसमें रिटर्न तो बेहतर मिल ही रहा है जरुरत पड़ने पर तुरंत पैसा निवेशक के खाते में आ जाता है।

Posted By: Sameer Deshpande

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