इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार शाम को बंगाली चौराहे के ओवरब्रिज का लोकार्पण मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बोले ओवरब्रिज का उद्घाटन तो बहाना था, मुझे तो आपसे मिलने आना था। जनता ने भाजपा का साथ दिया है। हम इंदौर के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। इस विधानसभा क्षेत्र में मूसाखेड़ी व खजराना ओवरब्रिज भी बनना हैं। इसके अलावा बिचौली रोड भी स्वीकृत हुआ है। इंदौर को हिंदुस्तान का अद्भुत शहर बनाएंगे। इस बार शहर की जनता अपने घर व दुकानों पर तिरंगा जरूर फहराए। नव निवार्चित पार्षद भी अपने वार्ड में इस अभियान को सफल बनाएं। जनता ने आइ लव यू मामा कहा तो मंच से सीएम ने भी आइ लव यू टू कहकर जवाब दिया।

डेढ़ घंटे तक करते रहे सीएम का इंतजार, वर्षा के कारण 10 मिनट में हुआ कार्यक्रम - बंगाली चौराहे के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए लोग डेढ़ घंटे तक इंतजार करते रहे। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा मंच संभाले रहे। सीएम जैसे ही मंच पर पहुंचे, वर्षा की तेज बौछारें शुरू हो गईं। मंच के सामने बैठे दर्शकों के बीच अफरा तफरी मच गई। कुछ ने सिर पर कुर्सियां रख लीं तो कुछ हाथ में लाए तिरंगे को सिर पर रख वर्षा से बचाव करते रहे। वर्षा को देख सीएम ने 10 मिनट में अपना भाषण पूरा किया और कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए।

इधर लोकार्पण हुआ, दूसरी ओर सर्विस रोड पर ट्रैफिक जाम - बंगाली चौराहे पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाए गए नए पुल का नाम माधवराव सिंधिया सेतु रखा गया है। पुल के लोकार्पण कार्यक्रम के लिए पीपल्याहाना की ओर ब्रिज के हिस्से के मुख्य मार्ग को भी बंद कर दिया गया था। इस वजह से बंगाली चौराहे से पीपल्याहाना चौराहे जाने वाले वाहन चालकों को सर्विस रोड से जाना पड़ा। इस वजह से सर्विस रोड पर ट्रैफिक जाम भी हुआ जिसके कारण लोग परेशान हुए।

अस्थायी बिजली कनेक्शन से रोशन हुआ ओवरब्रिज

लोक निर्माण विभाग के ईएंडएम शाखा प्रभारी वीके जैन ने बताया कि फिलहाल ओवरब्रिज को रोशन करने के लिए अस्थाई बिजली कनेक्शन लिया गया है। बाद में ओवरब्रिज को आधिकारिक रूप से नगर निगम को सौंप देंगे तो वे कनेक्शन अपने नाम से कराएंगे। उल्लेखनीय है कि बिजली का कनेक्शन किसके नाम से हो, इसे लेकर भी काफी खींचतान थी।

कांग्रेस का विरोध काम आया

बंगाली ओवरब्रिज के निर्माण के बावजूद इसे आम जनता के लिए नहीं खोला गया था और कांग्रेस ने इसका विरोध किया था। इंदौर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि यदि आम जनता के लिए ब्रिज नहीं खोला गया तो हम खोल देंगे।

कुछ काम अब भी बाकी

ओवरब्रिज का कुछ काम अब भी बाकी है। ओवरब्रिज के समीप पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. माधवराव सिंधिया की प्रतिमा लगाई गई है। योजना अनुसार प्रतिमा पर कोई गंदगी न फेंके इसके लिए शेड लगना है। अब यह काम नगर निगम बाद में करेगा। कुछ अन्य छोटे-मोटे काम शेष हैं।

एक नजर इधर भी

-2019 के अक्टूबर माह में शुरू हुआ था ओवरब्रिज का प्रोजेक्ट।

-2020 दिसंबर तक बंगाली ओवरब्रिज का काम पूरा होना था, लेकिन लाकडाउन व अन्य कारणों से काम में देरी हुई

-2021 में सितंबर माह में फिर से ओवरब्रिज का काम प्रारंभ हुआ।

-2022 मई में दूसरी समयसीमा तय की गई थी ओवरब्रिज निर्माण पूरा होने की।

-2022 जून के पहले सप्ताह से ओवरब्रिज से ट्रैफिक शुरू करने की थी तैयारी।

- 31 करोड़ रुपये के करीब लागत है ओवरब्रिज की

ये होंगे फायदे

- बंगाली चौराहे पर लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी

- चौराहे पर वाहनों के खड़े होने से अनावश्यक ईंधन खपत कम होगी

- ब्रिज के नीचे हाकर्स जोन बनाने की योजना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा

Posted By: Sameer Deshpande

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