- स्व. भय्यू महाराज की पत्नी आयुषी ने भी स्पिन गेंदबाजी पर लिखा है आलेख

- वर्ष 2007 से 2021 तक के टी-20 विश्व कप पर आधारित है किताब

Tales Of Cricket: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंग्लैंड के डब्ल्यूजी ग्रेस की प्रशंसकों के बीच इमरान खान और कपिल देव जैसी लोकप्रियता थी। एक बार मैच में उन्हें देखने 25 हजार की भीड़ मौजूद थी। पहली ही गेंद उनके पैड से टकराई और अंपायर ने एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। ग्रेस अपने अंदाज में कमर पर हाथ रखकर खड़े हो गए। फिर अंपायर के पास गए और बोले- 'यहां लोग आपकी अंपायरिंग नहीं, मेरी बल्लेबाजी देखने आए हैं।'

क्रिकेट के ऐसे ही रोचक किस्सों और टी-20 विश्व कप के सफर पर आधारित पुस्तक 'बुक आफ वर्ल्ड कप क्रिकेट टी-20, 2007 टू 2021' का विमोचन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को भोपाल में किया। इसका संपादन ख्यात कमेंटेटर सुशील दोशी के साथ सर्वेश शाहरा ने संपादन किया है। इस दौरान बिनोद कुमार मिश्रा भी मौजूद थे।

दोशी से बोले मुख्यमंत्री- आप जैसे व्यक्ति प्रदेश का गौरव हैं

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दोशी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप जैसे व्यक्ति प्रदेश का गौरव हैं। दोशी ने बताया कि किताब में अब तक हुए सभी टी-20 विश्व कप का विवरण और संक्षिप्त स्कोर कार्ड है। स्व. संत भय्यू महाराज की पत्नी आयुषी भी क्रिकेट प्रशंसक हैं। उन्होंने टी-20 विश्व कप में स्पिनरों के योगदान पर आलेख लिखा है। किताब में कुल नौ आलेख हैं। इनमें से दो मैंने लिखे हैं। एक आलेख रोचक किस्सों पर आधारित है।

बल्लेबाज बोला- साइट स्क्रीन पिच के बीच में लगवा दो

किताब के किस्सों पर चर्चा करते हुए दोशी ने बताया कि एक बार आस्ट्रेलिया के जैफ थाम्पसन प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे थे। सामने नवोदित बल्लेबाज था, जिसे उनकी तूफानी गति का अंदाजा नहीं था। थाम्पसन की एक गेंद उसके कान के पास से दूसरी नाक के पास से निकली। घबराते हुए उसने अंपायर ने कहा कि देखने में दिक्कत हो रही है, साइट स्क्रीन ठीक करवाइये। बहुत देर तक स्क्रीन दायें-बायें कराते रहा। काफी देर होने के बाद अंपायर ने पूछा आखिरी बार बता दो कि स्क्रीन कहां रखना है तो बल्लेबाज ने कहा कि आप तो मेरे और थाम्पसन के बीच में ही रख दो।

गेंद लेकर दौड़ने लगे महाराज

पुराने जमाने में राजा-महाराजा क्रिकेट प्रायोजक थे, इसलिए टीम में भी होते थे। एक राजकुमार टीम के साथ बाहर खेलने गए थे। उन्हें फाइन लेग पर क्षेत्ररक्षण सौंपा ताकि कोई गेंद उन तक न आए, मगर किस्मत ऐसी कि सीधा कैच उनकी ओर आया। उन्होंने आंख बंद कर हाथ आगे कर दिया और जब आंख खोली तो गेंद हाथ में थी। वे इतने खुश हुए कि गेंद हाथ में लेकर मैदान के चारों ओर क्षेत्ररक्षकों को दौड़-दौड़कर खुशी जाहिर करने लगे। आखिर में जब मिडविकेट के क्षेत्ररक्षक के पास पहुंचे तो उसने कहा- आप नाराज न हों तो गेंद वापस देे दें। वह गेंद नोबाल थी और बल्लेबाज ने दौड़कर रन ले लिया।

Posted By: Sameer Deshpande

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