Hello Naidunia Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। पूरी दुनिया इस समय फीफा विश्व कप के खुमार में है। गेंद को ठोकर मारने का यह खेल अब मैदान के दायरे से निकलकर बहुत बड़ा बाजार बन चुका है। फुटबाल से जुड़कर सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि विभिन्न् क्षेत्रों में बेहतर करियर बनाया जा सकता है।

उक्त विचार इंदौर जिला फुटबाल संघ के सचिव लोकेंद्र वर्मा ने 'हेलो नईदुनिया' कार्यक्रम के दौरान पाठकों के साथ करियर की चर्चा करते हुए व्यक्त किए। वर्मा ने बताया कि सामान्यत: युवा मैदान में खिलाड़ियों को खेलता देखते हैं, उनकी सितारा छवि से प्रभावित होते हैं। ऐसे में उन्हें लगता है कि सिर्फ सफल खिलाड़ी होकर भी भविष्य बन सकता है जबकि यह आधा ही सत्य है। मैदान में आप रैफरी बन सकते हैं, लाइन अंपायर, कोच, फिजियो, सपोर्ट स्टाफ सहित मैच के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न कार्यों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इन सभी कार्यों में खेल को समझने वाले व्यक्ति का महत्व ज्यादा होता है। अब मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न् हिस्सों में शिक्षण संस्थान में इससे जुड़े कोर्स कराए जाते हैं। अखिल भारतीय फुटबाल संगठन भी युवाओं खासकर बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न् योजनाएं तैयार कर रहा है।

आइए नजर डालते हैं पाठकों के साथ चर्चा के मुख्य अंश :

प्रश्न -मेरा बेटा 11 साल का है। उसे फुटबाल खिलाना चाहता हूं, लेकिन नहीं पता कहां भेजूं ? - अमित सोनी (इंदौर)

उत्तर -आजकल अधिकांश स्कूलों में फुटबाल का प्रशिक्षण दिया जाता है। यदि आपके बेटे के स्कूल में फुटबाल सिखाया जाता है, तो प्रारंभिक शिक्षा वहीं दिलाएं। इंदौर में नेहरू स्टेडियम सहित विभिन्न स्थानों पर क्लब हैं जहां प्रशिक्षण की सुविधा है।

प्रश्न - फुटबाल के खेल में कैसे बेहतर भविष्य बना सकते हैं। क्या योजनाएं हैं? -ऋषभ शर्मा (महू)

उत्तर - अखिल भारतीय फुटबाल संघ और मप्र संगठन खिलाड़ियों को मंच प्रदान करने की विभिन्न योजनाएं बना रहे हैं, संचालित कर रहे हैं। देश में कई पेशेवर लीग भी होने लगी हैं। विभिन्न क्लब खिलाड़ियों सबजूनियर, जूनियर और सीनियर वर्ग में अनुबंध के तहत जोड़ते हैं। इसकी जानकारी क्लबों की वेबसाइट पर मिल सकती है।

प्रश्न - मैं स्वयं की अकादमी खोलना चाहता हूं। इसके लिए क्या करना होगा। - अनुराग लाहोरे (महू)

उत्तर - इसके लिए मैदान होना जरूरी है। सब जूनियर, जूनियर वर्ग में प्रशिक्षण लेने वाले बच्चे होना चाहिए। इसके बाद निर्धारित शुल्क के साथ तय प्रारूप में अखिल भारतीय फुटबाल संघ को आवेदन करना होता है, जहां से मान्यता प्राप्त होती है।

प्रश्न - मैं कालेज में पढ़ता हूं और खिलाड़ी हूं। मेरे पास भविष्य में क्या विकल्प हैं? -सार्थक पारे (इंदौर)

उत्तर - कई संस्थान विभिन्न तरह के कोर्स कराते हैं। टाटा फुटबाल अकादमी में पीजी कोर्स होता है। गोवा रीजनल अकादमी, यूनिवर्सिटी कैंपस आफ फुटबाल बिजनेस आदि कई संस्थानों से आप कोर्स कर सकते हैं और प्रबंधन में भी करियर बना सकते हैं। इसके अलावा कोच सहित सपोर्ट स्टाफ में भी कई विकल्प मौजूद हैं।

प्रश्न - हमें कैसे पता चलेगा कि जिस क्लब से खेल रहे हैं, वह मान्यता प्राप्त है या नहीं?

उत्तर - अखिल भारतीय फुटबाल संघ (एआइएफएफ) मान्यता प्राप्त क्लबों के खिलाड़ियों का पंजीयन करता है। इससे सही या गलत की पहचान आसान होती है। गैर मान्यता प्राप्त क्लब एआइएफएफ का पंजीयन नहीं करा सकते।

Posted By: Sameer Deshpande

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