इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर वनमंडल में आने वाले जंगल में बाघ की मौजूदगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। अलग-अलग स्थानों से पंजों के निशान, पेड़ों के खरोंच और विष्ठा को इकट्ठा कर लिया है। इन्हें देखकर वन विभाग जंगल में एक या दो से ज्यादा बाघ होने की संभावना जता रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक चोरल के जंगल में छोटे पैरों के निशान देखे गए है, जो बाघ के बच्चों के होना बताए जा रहे हैं।हालांकि विभाग इन पंजों के निशान की लैब में जांच करवाएंगे।

एक दिसंबर से शुरू हुई वन्यप्राणियों की गणना के दौरान वनकर्मियों को बाघ की मौजूदगी से जुड़े प्रणाम मिले है। इंदौर से चालीस किमी दूर नाहरझाबुआ, चोरल रेंज के उमठ-बेका और महू में आने वाली मलेंडी वनक्षेत्र से पंजों के निशान, विष्ठा और बाघ द्वारा जानवरों का शिकार करना पाया गया है। पहले दिन गिनती करने वाली टीम के साथ चोरल में डीएफओ नरेंद्र पंडवा भी मौजूद थे।

सूत्रों के मुताबिक वहां एक से ज्यादा बाघ होने की बात सामने आ रही है। अलग-अलग बाघ के पैरों के निशान बताए गए है, जिसमें दो बड़े और एक छोटे पंजे शामिल है। वनकर्मियों के मुताबिक कुछ पंजों के निशान धुंधले है।इसके चलते यह बताना थोड़ा मुश्किल है कि वह अलग-अलग बाघ है या एक ही बाघ के पगमार्क है।जबकि छोटे पगमार्क साफ नजर आ रहे है।जबकि महू रेंज के मलेंडी और मांगलिया गांव में भी पगमार्क मिले है।यहां से बछड़े का शिकार हुआ है। वहां नाइट विजन कैमरा लगाया है, लेकिन उसमें अभी कोई बाघ कैद नहीं हुआ है।डीएफओ पंडवा का कहना है कि बाघ की मौजूदगी के प्रमाण से इनकी संख्या पता लगाई जाएगी।

हिरण-चीतल की करेंगे गणना

सात दिसंबर तक चलने वाली गणना की जाएगी। अब अगले तीन दिन हिरण-चीतल, खरगोन सहित अन्य वन्यप्राणियों की गिनती होगी। वनकर्मी इसके लिए जंगल में सुबह 5 से 8 बजे तक ढूंढेंगे। 80 से ज्यादा वनकर्मियों की टीमें बनाई है।मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए आनलाइन प्रमाण दर्ज किए जाएंगे।

रखेंगे नजर

वन्यप्राणियों की गिनती कुछ दिन ओर चलेगी।वैसे जंगल में बाघ के प्रमाण इकट्ठा किए जा रहे है।अभी बाघ की संख्या के बारे में कुछ कहना सही नहीं होगा। इसके लिए थोड़ा इंतजार करने की जरूरत है। वैसे जंगल में वनकर्मी नजर बनाए रखे है।

एचएस मोहंता, सीसीएफ, इंदौर वृत

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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