इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Court News Indore । मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में गुरुवार को शहर से जुड़े दो महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होना है। दोनों ही को लेकर जनहित याचिकाएं चल रही हैं और गुरुवार का दिन अंतिम बहस के लिए तय है। दोनों ही याचिकाएं सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने दायर की हैं। वे ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर याचिकाओं में बहस करेंगे।

दो मुद्दों में पहला 450 करोड़ की लागत से तैयार बीआरटीएस का है। याचिकाकर्ता ने इसे अवैध बताते हुए तोड़ने की गुहार लगाई है जबकि सरकार इसे सही ठहरा रही है। याचिकाकर्ता का कहना है कि बीआरटीएस से शहर की जनता को फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो रहा है। इस कॉरिडोर में रोजाना यात्रा करने वाले 50 हजार लोगों के लिए शहर के बाकी 25 लाख लोग परेशान हो रहे हैं। याचिका में बीआरटीएस की वैधानिकता को भी चुनौती दी गई है।

गुरुवार को ही हाई कोर्ट में नगर निगम सीमा में 90 गांव शामिल करने को लेकर भी बहस होना है। याचिकाकर्ता का कहना है कि 2008 में बने मास्टर प्लान में नगर निगम सीमा विस्तार के लिए 90 गांवों को निगम में शामिल करने का प्रस्ताव लागू किया गया था। इस मास्टर प्लान के मुताबिक नगर निगम सीमा 505 वर्ग किमी और जनसंख्या 35 लाख होने का अनुमान लगाया गया था। इस मास्टर प्लान की समय सीमा आठ जनवरी 2021 को समाप्त भी हो चुकी है।

शासन ने इस मास्टर प्लान के मुताबिक काम करने के बजाय सिर्फ 48 गांव निगम सीमा में शामिल करते हुए निगम सीमा 276 वर्ग किमी कर दी। इस विस्तार के साथ वार्डों की संख्या भी 85 कर दी गई। याचिकाकर्ता का कहना है कि नगर निगम सीमा जितने बढ़नी थी उससे आधी ही बढ़ी लेकिन जनसंख्या 35 लाख हो गई। जनसंख्या के अत्याधिक घनत्व की वजह से शासन की योजनाएं लगातार असफल हो रही हैं।

Posted By: Sameer Deshpande

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