इंदौर। नईदुनिया प्रतिनिधि। कोविड संक्रमण के कारण एमवाय अस्पताल में ही महिलाओं की प्रसूति ही हो रही है। कोविड के कारण एमवायएच में भी करीब एक साल से महिला रोगियों की लेप्रोस्कोपी और हिस्ट्रेक्टामी जैसी सर्जरी पूरी तरह बंद है। अब कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने के बाद एमटीएच अस्पताल में महिलाओं की जल्द ही लेप्रोस्कोपी व (बच्चेदानी का आपरेशन) हिस्ट्रेक्टामी हो सकेगी। एमटीएच में फिलहाल कोविड संक्रमित तीन मरीज ही भर्ती है, इनकी रिपोर्ट निगेटिव है और यह सोमवार तक अस्पताल से डिस्चार्ज हो जाएंगे।

ऐसे में अस्पताल प्रबंधन द्वारा अब यहां पर महिला रोगियों की अगले एक सप्ताह में सभी तरह सर्जरी करने की योजना भी बनाई जा रही है। वर्तमान में एमटीएच अस्पताल में फ्लू ओपीडी का संचालन हो रहा है। यदि यहां से फ्लू ओपीडी को अन्य किसी अस्पताल में शिफ्ट किया जाता है तो यहां पर स्त्री रोग संबंधित ओपीडी का संचालन भी शुरु हो सकेगा। वर्तमान में एमवायएच में महिला रोेगियों की ओपीडी का संचालन हाे रहा है जबकि कोवडि संक्रमण के पूर्व एमटीएच में महिला रोगियों की ओपीडी संचालित हो रही थी। उस समय यहां पर 150 से 200 महिला मरीज आती थी।

चारों ओटी की आक्सीजन लाइन शुरु करवाएंगे

एमटीएच अस्पताल में फिलहाल एक आपरेशन थिएटर का उपयोग किया जा रहा था। यहां पर कोविड संक्रमित महिलाओं की प्रसूति करवाई जा रही थी। इस अस्पताल में चार आपरेशन थिएटर बने हुए है लेकिन अस्पताल शुरु होने के बाद से अभी तक चारों ओटी की आक्सीजन लाइन शुरु नहीं हुई। अभी जिस एक ओटी का उपयोग किया जा रहा था वहां पर भी आक्सीजन सिलेंडर का ही उपयोग किया जा रहा था। चारों ओटी की आक्सीजन लाइन शुरु होने पर ही यहां पर महिला रोगियों की सर्जरी शुरु हो सकेगी। इसके अलावा यहां पर महिलाओं की सामान्य प्रसूती भी हो सकेगी।

कोविड मरीजों के लिए 250 बेड रिजर्व रखने पर सामान्य महिला रोगियों का हो सकेगा इलाज

एमटीएच अस्पताल की अधीक्षक डा. अनुपमा दवे के मुताबिक में अस्पताल की इमारत के पांच फ्लोर में दो फ्लोर पर 250 बेड कोविड मरीजों के लिए रिजर्व रखे जा सकते हैं। इसके अलावा तीसरी लहर को देखते हुए भी बच्चों व महिलाओं के लिए कुछ बेड रिजर्व रख सकते है। ऐसे में अब हम एमटीएच में महिलाओं की सामान्य प्रसूति व लेप्रोस्कोपी और हिस्ट्रेक्टामी कर सकते है। इस संबंध में मेरी मेडिकल कालेज के डीन से बात हुई और जल्द ही हम एक प्रपोजल बनाकर उन्हें सौंपेगे। संभवत: एक सप्ताह में हम यहां महिला मरीजों की सर्जरी शुरु कर सकेगे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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