रामकृष्ण मुले, इंदौर Tantra Ke Gan Indore। कोरोना महामारी में रोजाना मजदूरी कर खाने कमाने वाले लोगों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट खड़ा हो गया था। न घर में राशन था न बीमार के लिए दवाई। रोजी रोटी के लिए घर से बाहर निकलने पर पाबंदी थी। ऐसे मुश्किल वक्त में संस्था नमो नमो के युवा इनकी मदद के लिए आगे आए। 20 सदस्यी संस्था ने अपने साथ 300 लोगों को लेकर जिनका कोई नहीं उनकी मदद का बीड़ा उठाया।

पहले एक भोजनशाला के जरिए भोजन बनाकर आस-पास की बस्तियों में गरीब बच्चों तक भोजन बनाया। वक्त के साथ स्थितियां बिगड़ी तो शहर के दूर-दराज के लिए भोजन की मांग आने लगी। इन हालतों में टीम के सदस्यों द्वारा इतनी दूर जाकर भोजन पहुंचाना मुश्किल हो गया। ऐसे में अपने साथ लोगों को जोड़कर शहर में 14 स्थानों पर भोजनशालाएं बनाई गई और वहां से आस-पास के बस्तियों में भोजन पहुंचाया गया। भोजन में निरसता न आए इसलिए भोजन में हर दिन बदलाव भी किए गए।

अध्यक्ष पंकज फतेहचंदानी बताते है कि लॉकडाउन के दौरान 63 दिन भोजन शाला चलाई गई। इसमें हर दिन 10 से 14 हजार लोगों को भोजन उपलब्ध कराया। लॉकडाउन के एक वक्त ऐसा भी आया कि जिन परिवारों के यहां कोई कोरोना संक्रमित पाया जाता था तो उस घर में कोई राशन, दूध, सब्जी लेकर जाने को तैयार नहीं था। ऐसे में पीपीई किट पहनकर सदस्य उन लोगों के घर में सब्जी, राशन और दूध देकर आए। संक्रमित हुए लोगों को दवाईयां भी दी गई। इस दौरान बस्तियों में जाकर लोगों को बीमार के बचाव के उपाए बताए और मास्क, सैनिटाइजर वितरित किया गया।

Posted By: Sameer Deshpande

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags