इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के बहाने मप्र में भी कार्यकर्ता सक्रिय हो गए हैं। यात्रा को अभी इंदौर पहुंचने में समय है, लेकिन नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल शनिवार को शहर पहुंचे। उनकी उपस्थिति में पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने विधानसभा क्षेत्र पांच में भारत जोड़ो यात्रा निकालते हुए आगामी चुनाव के पहले अपनी दावेदारी जता दी है।

प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने मुकुल वासनिक की जगह जेपी अग्रवाल को प्रदेश प्रभारी बनाया है। अग्रवाल फिलहाल विभिन्न जिलों के दौरे कर संगठन को मजबूत बनाने में जुटे हैं। पद संभालने के बाद पहली बार इंदौर पहुंचने पर शनिवार को विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं से घर जाकर मिले। शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के घर दोपहर को वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई। इसमें इंदौर के प्रभारी महेंद्र जोशी, मप्र के प्रभारी सचिव सीपी मित्तल, विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, प्रदेश सचिव राजेश चौकसे, गिरधर नागर, अमन बजाज आदि नेता मौजूद थे।

चुनाव से पहले सत्यनारायण पटेल हुए सक्रिय - इससे पहले सुबह बारह पत्थर चौराहा स्थित हनुमान मंदिर से खजराना मंदिर तक पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल ने भारत जोड़ो यात्रा निकाली। पिछले चुनाव में पटेल नजदीकी अंतर से हारे थे, जबकि महापौर के चुनाव में विधानसभा पांच से कांग्रेस को बढ़त मिली थी। इससे पटेल को इस बार उम्मीद नजर आ रही है। हालांकि उनकी इस यात्रा में अन्य बड़े नेता नजर नहीं आए। उनके अलावा फिलहाल किसी अन्य नेता ने शहर में ऐसी यात्रा नहीं निकाली है। यात्रा का शुभारंभ जेपी अग्रवाल और शहर अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने किया।

हर संस्था में कुछ खूबियां और कुछ कमियां होती हैं : अग्रवाल

प्रदेश प्रभारी जेपी अग्रवाल ने कहा कि हर संस्था की कुछ खूबियां और कुछ कमजोरियां होती हैं। कांग्रेस का संगठन भी मजबूत है। यदि भाजपा का संगठन बहुत ज्यादा सशक्त होता तो वे पिछला चुनाव क्यों हारते। जिस तरह से कांग्रेस की सरकार गिराई गई, उससे लोगों में नाराजगी है। राहुल गांधी की यात्रा के बारे में उन्होंने कहा यात्रा मप्र में 16 दिन रहेगी। यह सरकार के घोटालों के खिलाफ जनजागरण यात्रा भी है। कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के बारे में उन्होंने कहा कांग्रेस में हमेशा से चुनाव के बाद ही अध्यक्ष का चयन होता है। अध्यक्ष न बनना राहुल गांधी का निजी फैसला है, लेकिन हर कार्यकर्ता चाहता है कि वे ही यह पद संभालें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा गांधी परिवार ने देश के लिए बहुत त्याग और बलिदान दिया है। सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री पद नहीं लिया। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राण दिए। अब राहुल गांधी जनजागरण के लिए जितनी बड़ी यात्रा कर रहे हैं, वह किसी नेता ने नहीं की।

Posted By: Hemraj Yadav

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