Today in Indore : इंदौर (नईदनिया प्रतिनिधि)। शहर में कोरोना गाइडलाइन के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस कड़ी में 25 मई को दिनभर शहर में विभिन्न संगठनों के कई कार्यक्रम होंगे। इसमें मालवा उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके साथ ही सामूहिक विवाह का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नौ दिनी रामकथा और भागवत कथा भी होगी। इस दौरान मास्क पहनने के साथ शारीरिक दूरी के नियम का पालन कर स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।

- प्राचीन खजराना गणेश मंदिर में खजराना गणेश का सुबह 6 बजे श्रृंगार और आरती की जाएगी। इसमें गणेश भक्त प्रतिदिन की तरह श्रद्धा व उल्लास से शामिल होंगे। दर्शन का सिलसिला दिनभर कोरोना प्रोटोकाल के नियमों के पालन के साथ चलेगा।

- नाम-जप परिक्रमा लक्ष्मी-वेंकटेश देवस्थान छत्रीबाग में सुबह 7.45 बजे निकलेगी। इसमें भक्त वेकेंट रमणा गोविंदा का जयघोष लगाते शामिल होंगे। परिक्रमा के बाद श्रृंगार दर्शन का सिलसिला दोपहर 12 बजे तक मंदिर के पट बंद होने तक चलेगा।

- एमआर-10 रोड बिजनेस पार्क भवन के पास स्थित दिव्य शक्ति पीठ पर पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत होगी। सुबह 9 बजे से आचार्य पं. कल्याणदत्त शास्त्री के निर्देशन में सात विद्वान आचार्यो द्वारा पूजन किया जाएगा। शाम 7 बजे भजन भजन संध्या होगी।

- इंदौर शहर साईं भक्त सेवा समिति और अग्र सेवा पश्चिम क्षेत्र संस्था द्वारा 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह एरोड्रम रोड स्थित बाबाश्री रिसोर्ट में सुबह 10 बजे आयोजित किया जाएगा। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की विवाह योग्य युवतियों का विवाह कराया जा रहा है। गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी की जिम्मेदारी साईं भक्तों ने ली है।

- हिंदू युवा संगठन के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक सुदामा नगर स्थित बस्ती ग्राउंड पर आयोजित की जाएगी। वृंदावन के भागवताचार्य पं. राजेश शास्त्री के मुखारबिंद से होने वाली भागगवत कथा में प्रसंग अनुसार उत्सव मनाए जाएंगे।

- नौ दिनी श्रीराम कथा बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से मां कनकेश्वरी गरबा परिसर, आइटीआइ रोड पर होगी। कथा का समय प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक रहेगा।

- सात दिनी मालवा उत्सव की शुरुआत शाम 4 बजे से लालबाग में होगी। उत्सव के लिए आयोजन स्थल को होलकरकालीन स्वरूप दिया गया है। इसमें जहां महेश्वर घाट दिखेगा तो शिव मंदिर भी नजर आएगा। होलकरकालीन बाड़े को दर्शाते दो हाथी द्वार पर दिखाई देंगे। मंच के मध्य देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा को विराजित किया गया है। होलकरकालीन बाड़े को आकार पचास कलाकारों ने दस दिनों में दिया।

Posted By: Hemraj Yadav

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