इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Fake Certificate In Indore । एसडीएम-तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षरों से मूल निवासी, जाती और आय प्रमाण पत्र बनाने के आरोप में बाणगंगा थाना पुलिस ने रोहित चौधरी और आकाश तंवर को गिरफ्तार कर लिया है। रोहित पालिका प्लाजा और आकाश कलेक्टर कार्यालय स्थित लोकसेवा केंद्र पर काम करता था। फर्जीवाड़ा में परदेशीपुरा लोकसेवा केंद्र की कर्मचारी वर्षा की भूमिका की जांच चल रही है।

टीआइ राजेंद्र सोनी के मुताबिक आरोपित अजय व प्रदीप से हुई पूछताछ के बाद जांच कलेक्टर लोकसेवा केंद्रों तक पहुंची है। पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपितों से पूछताछ की तो दलाल देवीलाल (मुसाखेड़ी) के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाना स्वीकार लिया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी ले ली। दोपहर को एएसआ जबरसिंह आकाश को कलेक्टर कार्यालय ले गए और जांच के लिए एसडीएम सुनील झा की मदद ली। पुलिस ने करीब 90 जाती प्रमाण पत्रों की जांच की जो फर्जी निकले।

टीआइ के मुताबिक सीरियल नंबर के आधार पर रजिस्टर देखा तो रिकॉर्ड का मिलान नहीं हुआ। टीआइ के मुताबिक सबसे कठिन जाती प्रमाण पत्र बनाना होता है। इसके लिए कई प्रकार के दस्तावेज लगाने पड़ते है। दस साल पुराना रिकॉर्ड भी लगाना पड़ता है। आरोपित तीन से पांच हजार रुपये लेकर मूल निवासी और जाती प्रमाण पत्र बना देते थे। पूछताछ में यह भी बताया उनकी तरह कई युवा दलाली कर रहे है। लोकसेवा केंद्र के कई कर्मचारी फर्जी दस्तावेज भी बना रहे है।

लोकसेवा केंद्र के कई दलाल नदारद

कार्रवाई के बाद कलेक्टर कार्यालय में सक्रीय कई दलाल फरार हो गए। लोकसेवा केंद्रों पर काम करने वाले कर्मचारी भी गैरहाजिर चल रहे हैं। टीआइ के मुताबिक अजय और प्रदीप ने वॉट्सएप ग्रुप बना रखा था। पुलिस ने ग्रुप सदस्य और चैटिंग रिकवर कर ली है।

Posted By: Sameer Deshpande

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