इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि Shortage Of Oxygen Indore। शहर के अस्पतालों में आक्सीजन की भारी कमी हो गई है। संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सभी निजी और सरकारी अस्पताल फुल हैं। संक्रमण की भयावहता इसी से समझी जा सकती है कि जो भर्ती हैं उनमें से ज्यादातर आक्सीजन पर हैं। अस्पतालों में आम दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा आक्सीजन लग रही है। सप्लाई करने वाली कंपनियों ने भी अब हाथ खींचने शुरू कर दिए हैं। हालत यह है कि शहर के कई निजी अस्पतालों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया है कि अपने मरीज को जहां ले जाना है ले जाओ। आक्सीजन किसी भी समय खत्म हो सकती है। हमारे यहां इंतजाम नहीं है। मरीज को कुछ हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं। जिला प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद हालात काबू नहीं हो रहे हैं।

शहर के अस्पतालों में इस समय सात हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर को सांस लेने में दिक्कत है और इन्हें आक्सीजन पर रखा गया है। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आक्सीजन पर होने की वजह से अस्पतालों में आक्सीजन का गणित गड़बड़ा गया है। मांग के मुकाबले सप्लाई नहीं हो पा रही है। आक्सीजन सप्लाई करने वाली निजी कंपनियों ने भी अस्पताल प्रबंधन से कह दिया है कि वे मांग पूरी नहीं कर सकते। यही वजह है कि शहर के कुछ अस्पतालों ने बेड कम कर दिए तो कुछ अस्पतालों ने नोटिस चस्पा कर दिया है कि आप अपने मरीज को यहां से किसी दूसरे अस्पताल ले जाएं। आक्सीजन कमी की वजह से कुछ हुआ तो हमारी जिम्मेदारी नहीं। कलेक्टर ने एक दिन पहले ही आक्सीजन सप्लाई निर्बाध रूप से जारी रखने के दावे किए थे लेकिन इसका कोई असर होता नजर नहीं आ रहा।

दिनभर चिंता में बीता

अस्पताल में दो निजी कंपनियों से आक्सीजन सप्लाई होती है। करीब 700 मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर आक्सीजन पर हैं। इसके चलते आम दिनों के मुकाबले कहीं ज्यादा आक्सीजन इन दिनों लग रही है। यही वजह है कि सप्लाई देने वाली निजी कंपनियां भी हाथ खींच रही हैं। उनका कहना है कि सभी दूर ज्यादा मांग निकल रही है। बुधवार दिनभर इसी चिंता में बीता कि आक्सीजन खत्म हो गई तो क्या होगा।

- राजीव सिंह, प्रबंधक अरबिंदो अस्पताल

कल का पता नहीं

हमारे पास बुधवार तक का स्टाक था। कल सप्लाई होगी या नहीं हमें नहीं पता। आम दिनों के मुकाबले आक्सीजन की मांग कई गुना ज्यादा बढ़ गई है। कोरोना के इलाज के लिए भर्ती ज्यादातर मरीज आक्सीजन पर हैं। लगभग सभी अस्पतालों में यही स्थिति है। हम निजी कंपनियों से बात कर सप्लाई सामान्य बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।

- राहुल पाराशर, प्रबंधक बांबे अस्पताल

सिलिंडर तैयार रखे हैं

हमारे पास 10 हजार किलो आक्सीजन रखने की क्षमता है। इन दिनों अचानक से आक्सीजन की मांग बढ़ गई है। इसकी वजह है भर्ती होने वाले ज्यादातर मरीज को आक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। हमने 40 सिलिंडर भी तैयार रखे हैं ताकि आपात स्थिति में व्यवस्था न गड़बड़ाए। इनके भरोसे हम कुछ घंटे अतिरिक्त मैदान में डटे रह सकते हैं।

- डा. सुमित शुक्ला, प्रभारी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल

Posted By: Sameer Deshpande

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