इंदौर। राजनीति में शालीनता होनी चाहिए, कैसे बोलना चाहिए, यह सीखना चाहिए। राहुल के डंडे वाले बयान को देखकर यह लगा कि उन्होंने सामान्य स्थिति में तो नहीं बोला होगा। मैं यह तो नहीं कह सकता हूं कि उन्हें नशा मुक्ति केंद्र की जरूरत है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को मेरी सलाह है कि राहुल गांधी को पॉलिटिकल प्ले स्कूल में भेज दें। यह बात केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को पत्रकारों से चर्चा में कही। दिल्ली चुनाव पर उन्होंने कहा कि हमने विकास के मुद्दे पर दिल्ली में चुनाव लड़ा। शाहीन बाग हमारे लिए चुनावी मुद्दा नहीं था क्योंकि हम गोली नहीं, बोली पर यकीन करते हैं। शाहीन बाग में जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, उन्हें गुमराह किया जा रहा है। जो लोग गुमराह होने की कसम खाए बैठे हैं, उनका कोई इलाज नहीं है। हमने उन्हें न तो बैठने के लिए कहा था और न प्रदर्शन समाप्त करने के लिए दबाव डालेंगे।

'भाजपा में न नो एंट्री बोर्ड है, न एक्जिट बोर्ड पर ताला'

सीएए के विरोध में भाजपा छोड़कर जा रहे नेताओं के बारे में नकवी ने कहा कि भाजपा ने न तो नो एंट्री का बोर्ड लगाया है और न ही एक्जिट गेट पर ताला लगा रखा है। नकवी ने कहा कि सीएए से किसी भी भारतीय की नागरिकता नहीं जाएगी। यदि ऐसा होगा तो उनके लिए सबसे आगे मैं खड़ा रहूंगा।

कांग्रेस लोगों को उनके अधिकार से वंचित कर रही : नकवी

कार्यक्रम से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस लोगों को भड़का कर जनगणना में हिस्सा नहीं लेने देना चाहती है। ऐसा कर वे लोगों को उनके अधिकार से वंचित कर रही है। जो अवैध घुसपैठिए हैं, उन्हें डरने की जरूरत है। भारतीय नागरिकों को डरने की जरूरत नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों द्वारा सीएए का विरोध जायज नहीं है। केंद्र जब कानून बनाता है तो राज्यों को उसे स्वीकार करना होता है। नागरिकता केंद्र का अधिकार है, राज्य का नहीं। कोई भी राज्य केंद्र के कानून को लागू करने से मना नहीं कर सकता है।

चार नेता पहुंचे मंत्री का स्वागत करने : मंत्री नकवी सुबह विमानतल पर पहुंचे तो संगठन के बड़े पदाधिकारी गायब रहे। विमानतल पर अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष नासिर शाह, नगर अध्यक्ष मंजूर अहमद, फारुख राइन और अतुल बघेरवाल ही पहुंचे। बाद में नकवी रेसीडेंसी कोठी पहुंचे तो वहां भाजपा नेता गोविंद मालू उनसे मिलने पहुंचे।

Posted By: Prashant Pandey