इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर लोहा व्यापारी एसोसिएशन (इल्वा) ट्रस्ट में सोमवार को बड़ा उलटफेर हुआ। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष ने बैठक बुलाकर अपने अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को ही पद से हटा दिया। इसहाक चौधरी के बजाय अमरजीतसिंह छाबड़ा को नया अध्यक्ष बनाया गया है। चुनाव स्थगित होने के बाद किए गए इस फेरबदल का विरोध भी शुरू हो गया है। इसी के साथ इल्वा में राजनीति फिर गर्माती दिख रही है। मामले में अब रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी से हस्तक्षेप की मांग भी उठ रही है।

इंदौर लोहा व्यापारी एसोसिएशन शहर का दूसरा सबसे धनी व्यापारी संगठन है। ट्रस्ट के पास स्कूल, कालेज, तौल कांटे, बाजार समेत सैकड़ों करोड़ की संपत्ति है। ट्रस्ट इन उपक्रमों के संचालन से सालाना करीब 7 से 8.50 करोड़ रुपये भी अर्जित करता है। एसोसिएशन की कार्यकारिणी और पदाधिकारियों का कार्यकाल बीते जून में ही समाप्त हो गया था। पहले चुनाव में देरी हो रही थी। 8 जनवरी को चुनाव प्रक्रिया करवाने का ऐलान हुआ। हालांकि नामांकन दाखिल होने के बाद कोरोना का हवाला देकर चुनाव स्थगित कर दिए गए। एसोसिएशन में कार्यवाहक के तौर पर सभी पदाधिकारी काम कर रहे हैं। इस बीच इल्वा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष प्रभात मिश्रा ने शनिवार को एक सूचना जारी की कि सोमवार को ट्रस्ट की आवश्यक बैठक बुलाई जा रही है।

11 में से छह सदस्य पहुंचे बैठक में - ट्रस्ट की कार्यकारिणी की 11 में से छह सदस्य मिश्रा की अगुवाई में सोमवार को बैठक में उपस्थित हुए। बैठक में अध्यक्ष इसहाक चौधरी, सचिव सुरेश मोहता और कोषाध्यक्ष शब्बीर भाई को पद से मुक्त करने का निर्णय ले लिया गया। बैठक को अवैधानिक बताते हुए ट्रस्ट कार्यकारिणी के पांच सदस्यों ने लिखित आपत्ति सौंपी, हालांकि उसे दरकिनार कर दिया गया। हटाए गए पदाधिकारी सहयोग पैनल से जुड़े हैं, जबकि एसोसिएशन के अध्यक्ष अमीर इंजीनियरवाला व ट्रस्ट उपाध्यक्ष मिश्रा प्रतिद्धंद्वी जयहिंद पैनल से हैं। कार्यकारी अध्यक्ष और पैनल के नेता अमीर इंजीनियरवाला के इशारे पर कार्रवाई होने की चर्चा है। हालांकि इस बारे में अध्यक्ष इंजीनियरवाला और उपाध्यक्ष मिश्रा ने प्रतिक्रिया देने से इन्कार कर दिया। इधर संस्था के पूर्व सचिव देवेंद्र कोठारी ने बैठक के बीच जाकर विरोध किया, लेकिन कोठारी को भी जानकारी देने से इन्कार करते हुए बाहर कर दिया गया।

हो सकती है असाधारण सभा - इल्वा में सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि अब संस्था की असाधारण सभा बुलाकर जल्द ही विधान संशोधन का निर्णय भी लिया जा सकता है। इस बैठक में कुछ सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। दरअसल संस्था में कई ऐसे व्यापारी सदस्य हैं, जिनका अब लोहा व्यापार से संबंध नहीं है। कुछ पदाधिकारियों के बोगस बिलों के लेनदेन से कागज पर कारोबार करने की शिकायतें हो रही हैं। संस्था के कुछ सदस्य ही ऐसे कारोबारियों को बाहर करने की मांग कर रहे थे। माना जा रहा है कि कुछ खास लोगों को बचाने के लिए संस्था का विधान ही परिवर्तित किया जा सकता है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि जब संस्था में कोरोना में भीड़ नहीं जुटाने के नाम पर चुनाव आगे बढ़ा दिए गए तो फिर असाधारण सभा कैसे बुलाई जा सकती है?

बदनामी हो रही - चुनाव के बीच बैठक ही नियमविरुद्ध है। अभी सारे पदाधिकारी कार्यवाहक हैं। ऐसे में वे बदलाव कर नए को कैसेे नियुक्ति दे सकते हैं। हमने लिखित आपत्ति जताई है। ऐसे विवादों से संस्था का नाम खराब होता है। हम पहले बैठकर बात करेंगे। बाद में रजिस्ट्रार व प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करेंगे। - इसहाक चौधरी, हटाए गए ट्रस्ट अध्यक्ष

संस्था तो चलेगी - इतनी बड़ी संस्था है। चुनाव स्थगित हैं। कब होंगे, इसका भी भरोसा नहीं है। ऐसे में संस्था के कामकाज रोके नहीं जा सकते। पदों का बदलाव सही है। सभी का कार्यकाल पूरा हो गया था। - अतुल डागरिया,

चुनाव अधिकारी, इल्वा

Posted By: Hemraj Yadav

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