VIP Number Auction : इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी दिल्ली और अन्य राज्यों से कम कीमत पर कारें खरीदकर प्रदेश में आने वालों को परिवहन विभाग ने नई सुविधा दी है। नए आदेश के तहत इन वाहन मालिकों को अब अपनी कार का प्रदेश में पंजीयन करवाने पर सामान्य नंबर के साथ पसंदीदा नंबर भी मिल सकेगा। वे वीआइपी नंबर भी ले सकेंगे।

दिल्ली में डीजल वाहनों की सीमा 10 साल तय करने के बाद वहां महंगी कारें काफी कम दामों पर मिल रही हैं। लोग उन्हें लेकर आते हैं और प्रदेश में पंजीयन करवाकर चला रहे हैं। दिल्ली पासिंग इन पुरानी कारों पर मध्य प्रदेश का नंबर लेने के बाद इन कारों को बेचा जाने लगा है। इस साल अब तक 500 से अधिक कारें हैं जो दिल्ली से इंदौर में पंजीकृत हो चुकी हैं। कई ऐसे वाहन मालिक हैं, जिन्होंने वहां की गाड़ी का पंजीयन यहां नहीं करवाया है। ये लोग बिना टैक्स भरे ही गाड़ी चला रहे हैं। इधर परिवहन विभाग ने ऐसे वाहनों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब इन वाहनों के मालिक अपने पसंदीदा नंबर ले सकेंगे। चार पहिया वाहन शाखा प्रभारी एआरटीओ अर्चना मिश्रा ने बताया कि पहले इन वाहन मालिकों को या तो सामान्य नंबर मिलते थे या उन्हें वीआइपी नंबर लेना होते थे। अब ये लोग 5100 रुपये देकर अपनी पसंद का नंबर ले सकेंगे।

प्रदूषित हो रही हवा

दिल्ली में बीते कुछ सालों से प्रदूषण बढ़ने के बाद डीजल वाहनों पर सख्ती की गई है। 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहन प्रतिबंधित कर दिए गए हैं। ऐसे में वहां के डीजल वाहन सस्ते दाम पर बेचे जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि डीजल वाहन का सही रखरखाव न किया जाए तो वे प्रदूषण फैलाते हैं। ऐसे में जो वाहन दिल्ली को प्रदूषित कर रहे हैं, वे प्रदेश की आबोहवा को भी प्रदूषित करेंगे। प्रदेश में पुराने वाहनों को लेकर कोई नियम नहीं है। केंद्र सरकार स्क्रैप पालिसी लेकर आ रही है। उसे भी लागू नहीं किया गया है।

Posted By: Hemraj Yadav

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