इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इंदौर में नगर निगम द्वारा भूजल संरक्षण अभियान के तहत घरों और प्रतिष्ठानों में काफी संख्या में जल पुनर्भरण प्रणाली लगवाई गई हैं। इससे जहां बोरिंग में पानी बढ़ा है। वहीं इस प्रणाली को लगवाने वाले कई इलाकों में जलजमाव की समस्या भी कम हुई है। शहर के निजी शैक्षणिक संस्थान व इलेक्ट्रानिक्स कांप्लेक्स में जल पुनर्भरण प्रणाली लगवाने के दोनों फायदे दिख रहे हैं।

महालक्ष्मी नगर क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में गर्मी में बोरिंग का जलस्तर गिरने के कारण लोगों को टैंकर के पानी पर निर्भर होना पड़ता है। यही वजह है कि निगम द्वारा चलाए गए भूजल संरक्षण अभियान के तहत यहां के कई घरों व प्रतिष्ठानों में जल पुनर्भरण प्रणाली लगवाई गई है। इस क्षेत्र के निजी शैक्षणिक संस्थान के डायरेक्टर प्रमोद कुमार जैन ने बताया कि पहले परिसर में एक ही जल पुनर्भरण प्रणाली थी। निगम के मार्गदर्शन से हमने मैदान में दो रिचार्जिंग पिट बनवाए। पहले जो पानी बरसता था, वो परिसर में जमा होने के बाद धीरे-धीरे सड़क पर निकलता था। रिचार्जिंग पिट बनाने का यह फायदा हुआ कि अभी तक हुई वर्षा के दौरान परिसर में जलजमाव नहीं हुआ।

पहले भर जाता था पानी - इलेक्ट्रानिक्स कांप्लेक्स में पहले वर्षा के दौरान जलजमाव की समस्या बनी रहती थी। इस क्षेत्र में क्लर्क कालोनी, नंदानगर क्षेत्र से वर्षा का पानी प्राकृतिक बहाव के साथ आता है। एसोसिएशन आफ इलेक्ट्रानिक इंडस्ट्रीज के सचिव अनुज उपाध्याय के मुताबिक पहले वर्षा काल में क्षेत्र की सड़कों पर पानी जमा होता था। अधिक वर्षा के दौरान फैक्ट्रियों में भी पानी घुसने लगता था। इलेक्ट्रानिक कांप्लेक्स में रिचार्जिंग पिट बनाए गए। इसका फायदा यह हुआ कि इस वर्षा में अभी तक औद्योगिक क्षेत्र में जलजमाव नहीं हुआ। इसके अलावा इस क्षेत्र के कई उद्योगों ने भी अपने परिसर में रिचार्जिंग पिट बनवाए हैं। ऐसे में उद्योगों की छत का पानी जो सड़क पर जाता था वो भी धरती में पहुंच रहा है।

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