Road Safety Indore: इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। देश में हर साल डेढ़ लाख मौत दुर्घटनाओं के कारण होती है। यह संख्या अन्य अपराधों में होने वाली मौतों से कई गुना ज्यादा है। यहां दुर्घटनाएं ज्यादा होने से दूसरे देशों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हमें अपने देश का मान रखने के लिए दुर्घटनाएं कम से कम हो ऐसे प्रयास करने होंगे। यदि वाहन चालक हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने की आदत डाल ले तो दुर्घटनाओं में होने वाली मौत की संख्या को 70 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं। यह कहना है अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-चार के प्रशांत चौबे का। नईदुनिया सड़क सुरक्षा अभियान के तहत शनिवार को उत्कृष्ट बाल विनय मंदिर विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त चौबे ने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे वे दुर्घटनाओं से बच सकते हैं।

आज ही परिवार के सदस्यों को कहें हेलमेट पहनें

प्रशांत चौबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल से घर जाने पर परिवार के सदस्यों को भी समझाए कि हेलमेट कितना जरूरी है। अगर परिवार के सदस्य हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते हैं तो उन्हें बताए कि इससे किस तरह की दुर्घटना हो सकती है। इसके नुकसान समझाने के लिए यूट्यूब का भी सहारा लिया जा सकता है। वहां कई वीडियो मौजूद है, जिससे पता लगता है कि अगर हम सुरक्षित रहेंगे तो कभी गंभीर दुर्घटना का शिकार नहीं होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि अभी आप विद्यार्थी है। आपके भविष्य के कई सपने होंगे।

भारत दुनिया में सबसे युवा देश है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बन जाती है कि अपने सपने पूरे करने और देश को गति देने के लिए हम सुरक्षित रहे। कई बार देखने में आता है कि वाहन चालक मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाते हैं। इससे खुद की जान को तो खतरा है ही दूसरों की जान भी खतरे में रहती है। कई बार लाल सिग्नल होने पर भी वाहन निकालने की कोशिश की जाती है। ऐसे में भी दुर्घटनाएं होती है। शराब पीकर वाहन चालक भी दुर्घटनाएं के शिकार होते हैं और दूसरों की जिंदगी भी खराब करते हैं।

हमारी सुरक्षा के लिए बनाए हैं यातायात नियम

प्रशांत चौबे ने कहा कि कई लोगों को लगता है कि यातायात नियम सरकार ने अपनी मर्जी से बना दिए, यह गलतफहमी तब दूर होती है, जब किसी कारण से दुर्घटना हो जाती है और समझ में आता है कि हम या दूसरा वाहन चालक गलती नहीं करते तो दुर्घटना न होती। यातायात के नियम बहुत सोच-समझकर बनाए गए हैं और हमारी सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कई स्कूल के विद्यार्थियों के पास लाइसेंस नहीं होता है फिर भी घर से वाहन स्कूल लेकर आ जाते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। माता-पिता और शिक्षकों को भी समय-समय पर कक्षाओं में विद्यार्थियों को समझाना चाहिए कि बिना लाइसेंस के अगर दुर्घटना हो जाती है तो पूरा परिवार किस तरह से परेशान होता है।

स्कूल की प्राचार्य पूजा सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थी जीवन में अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण है। साथ ही एनसीसी और खेल गतिविधियों से भी जुड़ने से विद्यार्थी जीवन को और खुबसूरत बना सकते हैं। स्कूल की शिक्षिका कल्पना जैन ने कहा कि इससे अच्छा दिन और क्या होगा, जब पुलिस अधिकारी खुद विद्यार्थियों को यातायात नियमों जानकारी दे रहे हैं। अधिकारियों की हर बात को विद्यार्थियों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम में डा. संगीता विनायका और अन्य शिक्षक भी कार्यक्रम में मौजूद थे।

Posted By: Sameer Deshpande

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