AICTL Indore प्रेम जाट, इंदौर। आमजन को सहज, सुलभ और सुगम यातायात उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड (एआइसीटीएसएल) ने इंदौर की शहरी सीमा सहित आसपास के जिलों में बसों का संचालन शुरू किया था, लेकिन कंपनी से अनुबंधित बसेंं निजी आपरेटरों की राह पर चल पड़ी हैं। उचित रखरखाव के अभाव में बसेंं बिगड़ रही हैं। खराबी की जानकारी भी रवाना होने से पहले ही मिल रही है। घंटों इंतजार के बाद दूसरी बस से यात्रियों को रवाना किया जाता है। ताजा उदाहरण इंदौर से बैतूल जाने वाली बस का है।

बुधवार को गीता भवन स्थित एआइसीटीएसएल के बस पिकअप पाइंट से इंदौर से बैतूल के लिए बस क्रमांक एमपी 09 एफए 9106 को दोपहर 11.45 पर निकलना था। यात्रियों के पास पंद्रह मिनट पहले बस नंबर के मैसेज भी पहुंच गए, लेकिन तय समय पर बस नहींं आई। पता चला कि बस में तकनीकी खराबी आई है, पंद्रह मिनट में आएगी। लेकिन 12.45 बजे दूसरी बस क्रमांक एमपी 09 एफए 9135 आई। बस की सफाई भी स्टैंड पर ही की गई। सवारी बैठाने के बाद बस एक बजे रवाना हुई। यात्री एक घंटा से ज्यादा समय परेशान होते रहे। बस में आगे पीछे कहीं भी अंकित नहीं था कि यह कहां से कहां तक जाएगी।

यात्रियों की पीड़ा

- चार्टर्ड की इंदौर से बैतूल की बस में टिकट बुक कराया था। साढ़े ग्यारह बजे स्टैंड पहुंच भी गए। यहां आने के बाद पता चला कि बस देरी से आएगी। आधे घंटे बाद भी जब बस नहींं आई, तो जानकारी चाही। पता चला बस में खराबी आई है, दूसरी बस आएगी। एक घंटा परेशान होने के बाद कहीं जाकर बस आई।

- महेश यादव, यात्री

- बेंगलुरू से सुबह ही इंदौर पहुंचे। यहां से हरदा अर्जेंट जाना था। इसलिए पहले ही चार्टर्ड बस में टिकट बुक करवा दिया था, लेकिन यहां आने के बाद पता चला बस खराब हो चुकी है। मजबूरी में बस स्टैंड पर डेढ़ घंटा बैठे रहे। चार्टर्ड बस में टिकट इसलिए कराया था कि यह समय पर निकलती है, लेकिन यहां भी समस्याएं बहुत हैं।

- मयंक पटेल, यात्री

- हरदा-इंदौर जाने के लिए बस के अलावा दूसरा कोई साधन नहीं है। निजी आपरेटर की लेटलतीफी के कारण चार्टर्ड से सफर शुरू किया था। शुरुआत में तो बसों का संचालन अच्छे से हुआ। लेकिन कुछ समय से बसें कभी भी खराब हो जाती हैं या निरस्त कर दी जाती हैं। कई बार शिकायत भी कर चुके लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। - स्वाति राजपूत, यात्री

हरदा-इंदौर रोड पर निर्माण कार्य चलने के कारण रोड खराब है। हमने इस रूट पर सस्पेंशन वाली बसें चला रखी हैं। इसलिए बसें ज्यादा खराब हो रही हैं। गाड़ी को चेक करने के बाद ही रवाना किया जाता है। यदि कोई खराबी होती है, तो अतिरिक्त परमिट की बस से यात्रियों को भेजा जाता है। इन बसों को रास्ते में कहीं भी नहीं रोकते।

-रोशन अग्रवाल, चार्टर्ड बस आपरेशन मैनेजर

आपरेटर नियमित बसों के परमिट के अलावा बसों का अतिरिक्त परमिट रखते हैं, ताकि बस के खराब होने पर इसका उपयोग किया जा सके। इस परमिट से यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा जा सकता है।

-प्रदीप शर्मा, आरटीओ इंदौर

रास्ते में खड़ी हो रहीं बसें

चार्टर्ड की बसें आए दिन खराब होती रहती हैं। कुछ ऐसा ही गुरुवार को नेमावर रोड पर भी देखने को मिला जब एमपी 09 एफएम 9051 बस रास्ते में बंद हो गई। यात्रियों को उतारकर दूसरी बस से अपने स्थान तक पहुंचाया गया। ऐसे ही नजारें कई रूटों पर देखे जा सकते हैं। कई बार तो बसों को ही स्थगित करना पड़ता है। बसें अपने तय समय से लेट पहुंच रही हैं।

ब्रेक हुए फेल

बुधवार को इंदौर से अशोक नगर के लिए निकली बस के बायपास पर ब्रेक फेल हो गए। शिकायत करने के एक घंटे बाद मैकेनिक पहुंचे। ब्रेक सुधार कर बस को रवाना किया गया। बस में यात्रा करने वाले राजेश श्रीमाली ने बताया कि सुधार के बाद रात आठ बजे बस रवाना हुई। मक्सी पहुंचते ही बस फिर बंद हो गई। बस के पीछे चल रही वैन ने बस को फिर से सुधारा। ऐसा ही वाक्या एक सप्ताह पहले भी हो चुका है। जब शाजापुर से आने के दौरान बस में खराबी के कारण 20 से 30 की गति से चलाकर लाया गया।

Posted By: Sameer Deshpande

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