World Alzheimer's Day 2020: इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिविल मामलों के विशेषज्ञ एक वरिष्ठ अभिभाषक के स्वभाव में उनके अभिभाषक बेटे ने अचानक बदलाव महसूस किया। बेटे ने देखा कि पिताजी पक्षकार से पूछी गई जानकारी कोर्ट में बहस के समय भूल जाते हैं। उन्हें पुराने कानून और धाराएं तो याद हैं लेकिन कुछ घंटे पहले पक्षकार से ली जानकारी वे भूल जाते हैं।

बेटे ने पिताजी से कहा लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे कि उन्हें कोई बीमारी है। रोज की तरह एक दिन शाम के वक्त वे घूमने निकले लेकिन घर नहीं पहुंचे। घंटों मशक्कत के बाद वे घर से 10 किमी दूर मिले। उन्हें नहीं पता था कि वे यहां कैसे पहुंचे?

यह मात्र एक उदाहरण है अल्जाइमर नामक बीमारी से ग्रस्त मरीज का। इस बीमारी का सीधा संबंध हमारे दिमाग से है। छोटी-छोटी बातें भूलने से इसकी शुरुआत होती है। सामान्यतः भूलने की बीमारी को हम बुढ़ापे की बीमारी कहकर टाल देते हैं, लेकिन कई बार यही बीमारी जानलेवा तक साबित हो जाती है। अल्जाइमर को डिमेंशिया के नाम से भी जाना जाता है। अल्जाइमर डे के मौके पर नईदुनिया आपको दे रहा है इस बीमारी के सामान्य लक्षणों की जानकारी। इसका पूरी तरह से इलाज संभव नहीं है लेकिन दवाइयों से इसके बढ़ने की गति को कम जरूर किया जा सकता है।

अल्जाइमर के सामान्य लक्षण

-हाल ही में सीखी गई बातों को भूलना डिमेंशिया का सबसे सामान्य आरंभिक लक्षण है।

-इससे प्रभावित व्यक्ति को सामान्य कामकाज करने में दिक्कत होने लगती है, वह सामान्य शब्द या समानार्थी शब्द भूलने लगता है।

-मरीज अक्सर भूल जाता है कि वह कहां है, वहां वह कैसे आया और घर वापस कैसे जाना है?

-पीड़ित व्यक्ति अनाप-शनाप कपड़े पहन सकता है। गर्मी में बहुत कपड़े और सर्दी में कम कपड़े भी पहन सकता है।

-अल्जाइमर का मरीज बेहद निष्क्रिय, टीवी के सामने घंटों बैठने वाला या बहुत अधिक सोने वाला भी हो सकता है।

तुरंत इलाज शुरू करें

सामान्यतः यह बीमारी 70 साल की उम्र के बाद देखने को मिलती है। लक्षण नजर आते ही तुरंत इलाज शुरू करना चाहिए। कई बार इलाज 8 से 10 साल तक चलता है।

डॉ. अपूर्व पौराणिक सीनियर न्यूरोलॉजिस्ट इंदौर

Posted By: Nai Dunia News Network

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