इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बैचलर आफ लाइब्रेरी साइंस (बी-लिब) का रिजल्ट नहीं आने से मास्टर आफ लाइब्रेरी साइंस (एमलिब) में विद्यार्थी प्रवेश के लिए आवेदन ही कर पा रहे हैं। प्रक्रिया धीमी होने से कालेजों की चिंता बढ़ गई है। विद्यार्थियों के गुहार लगाने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने एम लिब में प्रवेश से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। पहले जहां प्रवेश के दौरान बी लिब के अंकों के आधार पर आवेदन किया जाता था। उसके बदले विभाग ने विद्यार्थियों को स्नातक पाठ्यक्रम के प्राप्तांक पर प्रवेश देने की छूट दी है। इससे छात्र-छात्राओं को थोड़ी राहत मिली है। यह नियम अब कालेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) के तीसरे चरण से लागू किए जाएंगे।

35 फीसद सीटों पर प्रवेश - स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में सीएलसी का दूसरा चरण चल रहा है। स्नातक पाठ्यक्रम की अभी तक सिर्फ 40 फीसद सीटों पर प्रवेश हुआ है, जिसमें बीए, बीकाम और बीएससी सहित अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं। 1321 कालेजों में छह लाख में से अभी तक दो लाख सीटें भर पाई हैं। इस बार सरकारी और निजी कालेजों की सीटें खाली हैं। दूसरे चरण के सीएलसी की आवंटन सूची 29 जून को आएगी। फिर विद्यार्थियों को 2 जुलाई तक फीस भरनी होगी। वैसे प्रवेश प्रक्रिया धीमी होने की पीछे 12वीं सीबीएसई का रिजल्ट नहीं आना बताया जा रहा है।

मनपसंद कालेज नहीं मिलने से हजारों छात्रों ने नहीं लिया प्रवेश - अधिकारियों के मुताबिक यूजी कोर्स में तीन चरण में सवा तीन लाख विद्यार्थियों का पंजीयन व सत्यापन हुआ है। आवंटन में मनपसंद कालेज नहीं मिलने से हजारों विद्यार्थियों ने प्रवेश नहीं लिया है। ऐसा ही हाल स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में देखा जा सकता है। वैसे एमए, एमकाम, एमएससी सहित अन्य पीजी कोर्स में विद्यार्थियों को 30 जून को सीट आवंटित की जाएगी। इन पाठ्यक्रम की ढाई लाख सीटें हैं। अधिकारियों के मुताबिक मैसेज नहीं मिलने पर विद्यार्थियों को कालेज में प्रवेश सूची देखनी होगी।

Posted By: Hemraj Yadav

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