इटारसी, नवदुनिया प्रतिनिधि। पवारखेड़ा-जुझारपुर रेलवे फ्लाइओवर परियोजना के ठेकेदार और रेल अफसरों की लापरवाही से रोजाना हजारों लोग जान जोखिम में डालकर राष्ट्रीय राजमार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। एमजीएम स्कूल एवं द पार्क रिसोर्ट के सामने जहां परियोजना का ओव्हर ब्रिज बनाया जा रहा है, उसके दोनों तरफ हाइवे के ट्रेफिक को डायवर्ट किया गया है। ठेकेदार ने बदहाल सड़क को उसके हाल पर छोड़ जनता की मुसीबत बढ़ा दी है। भारी वर्षा में क्षतिग्रस्त मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है, जिसमें 4-5 फीट गहरे गड्डों से भारी वाहन, राहगीर एवं दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। पिछले चार सालों से यह प्रोजेक्ट लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है, वर्षा के बाद यहां धूल-धुएं का गुबार उठता है।

यह है परियोजनाः

नर्मदापुरम जिले से गुजरने वाले फ्लाइ ओवर इटारसी-भोपाल रेल खण्ड के पवारखेड़ा स्टेशन से प्रारंभ होकर नागपुर मण्डल की जुझारपुर लाइन 750-202 किमी. को जोड़ा जा रहा है। इस फ्लाइ ओवर के बन जाने से नागपुर से आने वाली गाड़ियां बिना इटारसी स्टेशन में प्रवेश किए पवारखेड़ा स्टेशन तक आ जाएंगी। पवारखेड़ा-जुझारपुर सिंगल लाइन अप दिशा में फ्लाइ ओवर प्रोजेक्ट की लंबाई 16 किलोमीटर है। इसकी स्वीकृति रेल मंत्रालय ने साल 2016-17 है। इस प्रोजेक्ट की लागत रुपये 373.37 करोड़ रुपये है। जून 2022 तक इस काम के पूरे होने की संभावना थी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही से अभी तक परियोजना अधूरी है। कोविड के दो साल में भी यहां पूरी तरह काम ठप्प रहा। अभी नागपुर-भोपाल ट्रेक पर आने-जाने वाली सारी थ्रू ट्रेनों एवं गुड्स ट्रेनों को इटारसी स्टेशन से लिया जाता है, इस वजह से बार-बार प्लेटफार्म बिजी रहते हैं, इस वजह से यहां रूकने वाली अन्य ट्रेनों को सिग्नल एवं प्लेटफार्म के इतंजार में खड़ा किया जाता है, फ्लाइओवर बनने के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी, इस रूट पर वहीं ट्रेनें आएंगी जिन्हें तकनीकी वजह या स्टापेज कारणों से जंक्शन पर आना जरूरी है।

ऐसा लगता है तालाब से निकलेः

राहगीरों ने बताया कि भोपाल-नागपुर के बीच 100 मीटर के इस हिस्से में इतने गहरे गड्डे हो गए हैं कि यहां आधी कार गड्डे में डूब जाती है, एक साइड से वाहन आ रहा है तो फिर आसपास से बाइक निकालना भी जानलेवा हो जाता है। प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले ठेकेदार को यहां सीसी रोड बनाकर देना था, लेकिन सांठगांठ से उसने कच्ची रोड छोड़कर जमकर पैसा बचाया। अब अधिकारी कह रहे हैं कि यह प्रोजेक्ट एक माह में पूरा हो जाएगा, इसलिए यहां ज्यादा खर्च नहीं हो सकेगा।

विधायक तक कर चुके शिकायतः

पिछले साल विधायक डा. सीतासरन शर्मा ने बदहाली देख जेडआरयूसीसी सदस्य राजा तिवारी को शिकायत की

थी, जिसके बाद यहां पेंचवर्क का दिखावा करा दिया गया, डाली गई बजरी चंद घंटों में बैठने से हालात जस के तस हो जाते हैं। रैसलपुर निवासी दीपक चौरे ने बताया कि यहां से करीब एक दर्जन गांवों की जनता भी आवाजाही करती है, रात में यहां अंधेरा पसरा रहता है, इससे हादसे होते हैं। मरीजों की एबुलेंस निकालने में हालत खराब हो जाती है। इंटरनेट मीडिया पर हुई शिकायत के बाद एक बार फिर तिवारी ने आला अधिकारियों को शिकायत की, जिसके बाद यहां बजरी डालने का आश्वासन दिया गया।

मरम्मत के निर्देशः

अब पूरा प्रोजेक्ट करीब एक माह में हो जाएगा, वर्षा की वजह से यहां सीसी रोड बनाना मुश्किल है, हमने फौरी राहत के लिए ठेकेदार को बजरी एवं गिट्टी डालने को कहा है, सारे गड्डे जल्द भर दिए जाएंगे।

- मतीन खान, एडीईएन रेलवे

Posted By: Nai Dunia News Network

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