इटारसी। गुरुवार शाम रत्नागिरी एक्सप्रेस में चढ़ते समय एक बुजुर्ग यात्री अचानक फिसल गया, इस वजह से ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच यात्री फस गया था, संयोग से यहां खड़े आरपीएफ जवान अमित बामने ने तत्परता दिखाते हुए बुजुर्ग को हादसे का शिकार होने से बचा लिया। शाम 6ः30 बजे प्लेटफार्म 6-7 से जब ट्रेन चल रही थी, तभी एक बुजुर्ग यात्री का पैर पायदान पर फिसल गया, बुजुर्ग के साथ कोई अनहोनी होती, इससे पहले ही यहां तैनात अमित बामने आरपीएफ जवान ने बुजुर्ग को खींचकर बचा लिया। बुजुर्ग को नीचे गिरते हुए देखकर ट्रेन के गार्ड ने भी आपातकालीन ब्रेक लगा लिए, जिससे बुजुर्ग यात्री की जान बच गई, बाद में यात्री को कोच में बैठाकर ट्रेन रवाना की गई।

बैतूल से भोपाल रेफर हुई थी प्रसूता, इटारसी अस्पताल में बचाई जान

इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि।

डा. श्यामाप्रसाद मुखर्जी शासकीय अस्पताल के चिकित्सक गुरुवार को एक गर्भवती महिला के लिए देवदूत बनकर आए। बच्चादानी फटने की वजह से महिला को बैतूल से भोपाल रेफर किया गया था। जब महिला की हालत बिगड़ी तो उसे इटारसी अस्पताल लाना पड़ा। यहां अधीक्षक डा. आरके चौधरी के निर्देश पर तत्काल आपरेशन थियेटर में महिला चिकित्सकों की टीम ने सर्जरी कर महिला और उसके नवजात की जान बचा ली। बैतूल निवासी 26 वर्षीय प्रेमलता पत्नी बबलू को प्रसव वेदना होने पर उसके स्वजन बैतूल जिला अस्पताल लेकर आए थे, यहां हालत बिगड़ने पर चिकित्सकों ने महिला को रेफर कर दिया, लेकिन इटारसी आने से पूर्व ही अधिक रक्तस्त्राव होने से महिला की जान पर बन आई, तत्काल एबुलेंस चालक ने फैसला बदलकर भोपाल की जगह महिला को इटारसी अस्पताल लाने का निर्णय लिया। अधीक्षक डा आरके चौधरी को सूचना मिलने पर तत्काल महिला चिकित्सकों के साथ अन्य संबंधित चिकित्सकों की टीम बुलाई गई। इसके बाद प्रसूता को तत्काल ओटी में शिप्ट कर उसका आपरेशन किया गया। महिला चिकित्सकों के अनुसार थोड़ी देर होने के बाद महिला और उसके बच्चे की जान बचाना मुश्किल हो जाता। अस्पताल में दोपहर ढाई बजे स्वजन महिला को भर्ती कराने के बाद चले गए थे, उसके साथ 12 साल की बेटी अकेली थी, तभी हालत बिगड़ने लगी, अस्पताल में आपरेशन के लिए अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए स्वजन मौजूद नहीं थे। स्वजनों का इतंजार करने पर देर हो सकती थी, इस वजह से बिना अनुमति सीजर किया गया। अधीक्षक डा आरके चौधरी ने बताया कि महिला की बच्चादानी फटने से हालत बिगड़ गई थी, यहां सर्जरी के बाद जच्चा-बच्चा दोनों की जान बच गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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