इटारसी (होशंगाबाद)। नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह हुए सड़क हादसे में शहर के युवा हॉकी खिलाड़ी आदर्श हरदुआ की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे से चंद घंटे पहले 13 अक्टूबर को रात 11 बजे दोस्तों ने आदर्श के घर के सामने मंदिर में केक काटकर जन्मदिन मनाया था। दोस्तों में मौज मस्ती में आदर्श के लिए तैयार किए गए केक पर हैप्पी बर्थडे डॉन लिखवाया था। दोस्तों ने रात में फोटो भी व्हाट्सएप ग्रुपों में शेयर कर बधाई दी थी।

आदर्श के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। बजरंगपुरा में एक टिन शेड के मकान में संयुक्त परिवार रहता है। पिता आलोक हरदुआ मजदूरी करते हैं। मां विमला भी काम करती थीं, जिससे परिवार का गुजर बसर हो सके।

आदर्श अपने चचेरे भाई हॉकी खिलाड़ी रवि से कहता था कि भैया चिंता मत करो, एक बार मेरा नेशनल टीम में चयन हो गया तो जॉब भी मिलेगी, हम दोनों मिलकर घर की हालत बदल देंगे। लेकिन बदकिस्मती ने घर का होनहार चिराग छीन लिया। हादसे के बाद सबसे पहले पहुंचे रवि ने कहा मेरी ताकत चली गई, मेरा भाई चला गया। आदर्श का छोटा भाई हेमंत अंजुमन स्कूल में पढ़ता है। पिता आलोक चार भाई हैं। इनमें बसंत, त्रिलोक यहां रहते हैं, एक सुनील जबलपुर में रहते हैं।

दो बार ट्रेन से उतरा अनिकेत

हॉकी खिलाड़ियों ने बताया कि ग्वालियर निवासी अनिकेत इटारसी आया था। दो बार वापस जाने के लिए वह ट्रेन में बैठा और दोनों बार उतर गया। दोस्तों के साथ प्लानिंग हुई कि होशंगाबाद टूर्नामेंट के बाद वहीं से वापस चला जाऊंगा। होशंगाबाद प्रतियोगिता के लिए सुबह 6 बजे आदर्श अपने चचेरे भाई रवि के साथ बाइक से निकला था, लेकिन स्टेशन की चाय दुकान पर शॉन की कार से जा रहे साथी खिलाड़ियों को देख उसका मन बदला और बाइक से उतरकर कार में बैठ गया। रवि बाइक से कार के पीछे ही चल रहा था, लेकिन ग्राम ब्यावरा में कार हादसे का शिकार हो गई।


मोहल्ले का चहेता था

मृतक आदर्श को प्यार से लोग अक्कू कहते थे। उसके चचेरे भाई रवि हरदुआ खुद हॉकी एंपायर हैं। उसने ही आदर्श को बचपन से हॉकी स्टिक पकड़ाकर उसकी एंट्री कराई थी। उसे हॉकी का जुनून था। इससे उसने हॉकी अकादमी ज्वॉइन कर ली थी। गांध्ाी मैदान पर भी वह रोजाना हॉकी प्रैक्टिस के लिए आता था। कम समय में बेहतर प्रदर्शन कर वह राष्ट्रीय खिलाड़ी बन गया। कई बार उसे अवार्ड भी मिले हैं। अगले साल तक उसका चयन इंडियन नेशनल हॉकी टीम में होना था।

हॉकी खिलाड़ियों ने दी सलामी

शाम चार बजे आदर्श की शवयात्रा घर से निकली। आखिरी विदाई देने उसके सारे दोस्त, हॉकी खिलाड़ी, मोहल्ले के लोग जमा हुए, सबकी आंखें नम थीं। किसी को भरोसा नहीं हो रहा था कि चंद घंटे पहले आदर्श अब मोहल्ले से आखिरी विदाई ले रहा है। विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा भी मृतक के परिजन को दिलासा देने पहुंचे और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। हॉकी खिलाड़ियों ने हॉकी स्टिक उठाकर आदर्श को आखिरी सलामी देकर विदा किया।

प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे

अंतिम यात्रा में आईजी योगेश राय, कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह, एसडीएम हरेन्द्र नारायण, तहसीलदार तृप्ति पटेरिया, रितु भार्गव समेत सारे प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और परिजन को सांत्वना दी। शाम 4 बजे जैसे ही आदर्श की अर्थी उठी, उसके माता-पिता सहित पूरे परिवार की चीख पुकार से माहौल गमगीन हो गया। जिसने भी यह दर्दनाक मंजर देखा उसकी आंखें भर आईं।

Posted By: Hemant Upadhyay