इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि।

रेलवे की पवारखेड़ा से जुझारपुर सिंगल रेल लाइन परियोजना में अपनी जमीन देने वाले किसानों के स्वजनों को तीन साल बाद भी रेल विभाग शासकीय नौकरी का लाभ नहीं दे सका। इस योजना में 31 किसानों से रेलवे ने जमीन अधिग्रहित कर उन्हें मुआवजा दिया है। लंबी प्रकिया और खींचतान के बाद मुआवजा राशि तो मिल गई लेकिन, अभी तक हर रकबे में प्रति किसान परिवार को सरकारी नौकरी देने की घोषणा पर आज तक काम नहीं हुआ।

आवेदक किसानों ने अपने सारे दस्तावेज एवं जरूरी कार्रवाई पूरी कर कार्मिक विभाग रेलवे को जानकारी दी है लेकिन, आज तक इस मामले में अफसरों ने फाइल आगे नहीं बढ़ाई, इस वजह से रेलवे की नौकरी मिलने का सपना देख रहे किसानों के स्वजन परेशान हो रहे हैं।

मुआवजा और नौकरी का वादाः रेलवे ने किसानों की जो जमीन अधिग्रहित की थी, उसमें प्रावधान था कि बाजार की गाइडलाइन से डेढ़ गुना मूल्य का मुआवजा एवं प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को रेलवे में नौकरी दिए जाने का प्रावधान था। मुआवजा वितरण होने के बाद रेलवे ने किसानों की जमीन तो अधिग्रहित कर ली लेकिन, अधिग्रहण पैकेज के तहत अभी तक किसानों के स्वजनों को नौकरी नहीं मिली है। भू अर्जन अधिकारी ने पुर्नवासन एवं पुर्नव्यवस्थापन में उचित मुआवजा वितरण एवं पारदर्शिता अधिनियम 2013 के तहत एक विशेषज्ञ समूह का गठन किया था। इस कमेटी में किसान नेता बाबू चौधरी, सरपंच दिलीप सरयाम, योगेश भेरूआ एवं परियोजना से जुड़े अधिकारी को शामिल किया गया था।

सांसद ने उठाया था मामलाः रेलवे परियोजनाओं में किसानों के लिए प्रस्तावित मुआवजा पैकेज में शासकीय नौकरी न देने का मामला सीधी सांसद ने उठाया था, इसके बाद सांसद राव उदय प्रताप सिंह ने भी अन्य गांवों के किसानों के लिए रेल महाप्रबंधक को पत्र लिखा था, जिसके बाद करीब 86 परिवारों की सूची जारी की गई थी। अब जुझारपुर के किसान अपने अधिकार के लिए सांसद सिंह से गुहार लगा रहे हैं। किसान पुष्कर राज मालवीय ने बताया कि कई आवेदकों की उम्र बढ़ रही है, समय रहते नौकरी मिल जाती तो अभी तक लाखों रुपये का वेतन किसान परिवारों को मिलता। कार्रवाई में देरी होगी तो पूरी खानापूर्ति एवं प्रशिक्षण के बाद नियुक्ति होने में लंबा समय लगेगा। रेलवे कार्मिक विभाग को इस मामले में जल्द कार्रवाई करना चाहिए।

वर्जन

सांसद के प्रयासों से पिछली बार भी किसानों के परिवारों के लंबित मामलों में नियुक्ति आदेश हुए थे। इस मामले में भी उन्हें अवगत कराया जाएगा। डीआरएम एवं कार्मिक विभाग से भी पत्राचार करेंगे, जिससे किसानों को घोषणा के मुताबिक लाभ मिल सके।

राजा तिवारी, जेडआरयूसीसी सदस्य।

Posted By: Nai Dunia News Network

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