इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि।

वेस्ट सेंट्रल रेल्वे मजदूर संघ के आला नेताओं के बीच जारी संघर्ष में नया मोड़ आ गया है। गुरुवार शाम यहां वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ की सीईसी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में भाग लेने के लिए आर पी भटनागर स्वयं सड़क मार्ग से इटारसी पहुंचे। संघ कार्यालय में संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भटनागर ने कहा कि कुछ स्वार्थी लोगों द्वारा अपने गलत कामों को छिपाने के लिए गलत तरीके से दुष्प्रचार किया जा रहा है, ये वे लोग है जिनके मामलों का राजफाश होने के बाद उनके निष्कासन की तैयारी की जा रही थी, इसका आभास होते ही उनके द्वारा संघ के अमित भटनागर आदि के विरुद्घ दुष्प्रचार किया जा रहा है। ये वह लोग हैं जिनके द्वारा मजदूरों के खून पसीने की गाढ़ी कमाई का 86 लाख रुपये का गबन किया गया और जिसका पता चलते ही ये भ्रष्टाचार पर उतर आए। मंडल सचिव आरके यादव ने बताया कि भटनागर ने कहा कि फर्जी गठन की एफआईआर भी संगठन द्वारा रेलवे मुख्यालय जबलपुर में की गई है, साथ ही सीबीआई विजिलेंस एवं अन्य स्तर पर भी शिकायत दर्ज की गई है। संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित भटनागर ने संघ एवं एनएफआइआर से जुड़े सभी पदों से त्यागपत्र देने की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने संघ से आज तक कोई भी भुगतान नहीं लिया और न ही और कोई सुविधा ली गई है। रेलवे कर्मचारियों के हित और सामाजिक गतिविधियों के कारण संघ से जुड़ा हूं साथ ही भविष्य में भी निस्वार्थ जुड़ा रहूंगा। संघ के महामंत्री अशोक शर्मा द्वारा वेस्ट सेंट्रल मजदूर संघ के संविधान का पालन न करते हुए सागर में गलत ढंग से बैठक बुलाई गई थी। आरपी भटनागर ने सभी संघ के कार्यकर्ताओं से 17 अक्टूबर को इटारसी में आयोजित पीसी की मीटिंग में भाग लेने का आह्वान किया।

भटनागर और संघ के महामंत्री अशोक शर्मा गुट के बीच अभी तलवार खिंची हुई है। पूरे रेल विभाग में यह झगड़ा चर्चाओं में है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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