इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि। जीएसटी कानून के नियमों को सरल करने की मांग को लेकर व्यापारिक संगठनों ने कैट के आह्वान पर बाजार बंद कराया। व्यापारियों के करीब आधा दर्जन संगठनों द्वारा कराया गया बंद पूरी तरह सफल रहा।

इस बंद में पेट्रोल पंप, शराब दुकानें, मेडीकल स्टोर्स, शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल और फल-सब्जी कारोबारियों को छूट दी गई थी। बंद को समर्थन देने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही संगठनों से जुड़े नेताओं ने भी पूरी सक्रियता से काम किया। बंद के चलते लोगों को पिछले साल हुए लॉकडाउन की याद आ गई, चूंकि पूरे बाजार में दिन भर सन्नााटा पसरा रहा।

सुबह बंद को लेकर गफलत के चलते चाय-नाश्ते की दुकानें खुल गई थीं, लेकिन व्यापारियों ने बाजार में आकर ऐसी दुकानों को हाथ जोड़कर बंद कराया। बंद के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा, हालांकि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। संयुक्त व्यापार महासंघ अध्यक्ष दीपक हरिनारायण अग्रवाल ने बताया कि कैट के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी बाजार बंद का किराना, सराफा, हार्डवेयर, रेडीमेड, फुटवियर्स, एमएफसीजी समेत सभी संगठनों ने समर्थन दिया था। नारियल बाजार में टेंट लगाकर व्यापारियों ने सांकेतिक धरना भी दिया। रेलवे स्टेशन, बजाजी लाइन, एमजी रोड, राधाकृष्ण मार्केट में कुछ दुकानदार दुकानें खोलकर बैठे थे, जिन्हें बंद कराया गया। दोपहर बाद कुछ छोटे व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए थे।

2 करोड़ का कारोबार प्रभावितः

एक अनुमान के मुताबिक बंद के कारण शहर में सभी व्यापारियों का थोक एवं फुटकर समेत करीब 5 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी कानून तो लागू कर दिया है, लेकिन इसके कड़े नियमों के चलते व्यापार करना मुश्किल हो रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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