विवेक के स्वागत में बिछाए पलक-पांवड़े, ओलिंपिक पदक जीतने पर हुआ ऐतिहासिक स्वागत

Itarsi News: इटारसी, होशंगाबाद। टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय हॉकी टीम से खेलकर कांस्य पदक जीतने वाले चांदौन निवासी विवेक सागर का सोमवार को ऐतिहासिक स्वागत किया गया। जिला हॉकी संघ के तत्वावधान में करीब दर्जन भर संगठनों ने विवेक के विजयी जुलूस का शानदार स्वागत किया।

कृषि उपज मंडी से सजी-धजी जीप में विवेक सवार हुए, उनके साथ तैराकी संघ प्रदेश अध्यक्ष पीयूष शर्मा, हॉकी संघ अध्यक्ष प्रशांत जैन, सचिव कन्हैया गुरयानी समेत हॉकी खेलने वाले सारे युवा एवं बच्चे जुलूस में सवार हुए। खेड़ा क्षेत्र में उद्योग संघ द्वारा विवेक का सम्मान किया गया। इस अवसर पर पीयूष शर्मा, उद्योग संघ सचिव मोहन खंडेलवाल, विधायक प्रतिनिधि सजल अग्रवाल, कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय राठी, मंटू ओसवाल, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिलाध्यक्ष जयकिशोर चौधरी, हरीश अग्रवाल, राजेन्द्र चेचानी का ऋषि इंडस्ट्रीज पर स्वागत कर बधाई दी गई।

भाटिया रोड लाइंस के संचालक कांग्रेस नेता पाली भाटिया के नेतृत्व में ट्रक ऑनर एसोसिएशन एवं कांग्रेस नेताओं ने भी विवेक का स्वागत किया, इसके बाद अवाम नगर में महावीर क्लब समेत अन्य सामाजिक संगठनों ने रास्ते में विवेक का स्वागत किया। मेजर ध्यानचंद्र चौराहे पर जुलूस का समापन हुआ। इसके बाद वर्धमान परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में शहर के व्यापारिक, राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विवेक की जीत पर सम्मान किया गया। विवेक ने कहा कि इस ऐतिहासिक सम्मान और शहरवासियों के स्नेह ने उनका मनोबल बढ़ाया है, इसके लिए वे हमेशा ऋणी रहेंगे।

विवेक का स्वागत

शहर में जुलूस आने पर सभी हॉकी खिलाड़‍ियों ने विवेक के सम्मान में हॉकी उठाकर सलामी दी। शहर के कई पुराने हॉकी खिलाड़ी विवेक को देख भावुक हो गए और प्यार से उसे गले से लगा लिया। मेजर ध्यानचंद चौराहे पर भी पूरे हॉकी इटारसी परिवार ने विवेक का स्वागत किया। इस अवसर पर एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी, टीआई रामसनेही चौहान भी शामिल हुए। विवेक को ब्रिज से एक बग्घी में आगे खड़ा किया गया, पीछे उसके पिता रोहित प्रसाद एवं भाई विद्यासागर प्रसाद सवार हुए। बग्घी में बैठकर विवेक समारोह स्थल तक पहुंचे।

मैं भी विवेक..

इस पूरे जुलूस में हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले शहर के गांधी मैदान पर अभ्यास करने वाले नन्हें मुन्ने खिलाड़ी भी पूरे जोश के साथ शरीक हुए, सभी हाथ में हॉकी थामे हुए थे। विवेक की कामयाबी देख उनका उत्साह भी चरम पर था। जोश और जुनून से लबरेज उनके चेहरे कह रहे थे कि मैं भी अब विवेक बनूंगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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