इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि।

छिंदवाड़ा-फिरोजपुर पातालकोट एक्सप्रेस के इंजन में लगी आग को लेकर आरपीएफ को जांच में नई जानकारी मिली है। प्लेटफार्म दो पर खड़े ट्रेन के इंजन के आसपास लगे खूफिया कैमरों के फुटेज से पता चला है कि इंजन के पास खड़े एक संदिग्ध व्यक्ति ने कपड़ों से भरी एक पोटली इंजन के ऊपर फेंकी थी, जिससे पेंटो के पास जबरदस्त ढंग से आग लगी, इसके बाद धुआं उठने लगा। आग लगने के फौरन बाद यह शख्स घबराते हुए यहां से भागते हुए नजर आ रहा है।

नहीं मिला सुरागः जांच में इस संदिग्ध की हरकत का पता चलने के बाद आरपीएफ-जीआरपी ने रेलवे आउटर, प्लेटफार्म एवं परिसर में घूमने वाले खानाबदोश, भिखारियों एवं संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन इस घटना को अंजाम देने वाला व्यक्ति हत्थे नहीं आया है। उसकी वेषभूषा से वह फकीर नजर आ रहा है, जो काले रंग के कपड़े पहने हुए था। आरपीएफ ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया है। संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद साफ होगा कि उसने इंजन पर कपड़ों की पोटली क्यों फेंकी, क्या उसका मकसद इंजन को आग लगाना था, या सिरफिरा होने के कारण उसने इस घटना को अंजाम दिया है।

इस फुटेज के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। पिछले सप्ताह से अग्निपथ विवाद के चलते जंक्शन हाइअलर्ट पर हैं, ऐसे माहौल में इंजन पर पोटली फेंककर रेलवे संपत्ति की सुरक्षा को खतरे में डालने के पीछे क्या मकसद हो सकता है।

फुटेज में पता चला कि जिस जगह इंजन खड़ा था, उसके आगे से एक व्यक्ति जो लुंगी-कुर्ता पहने है, वह इंजन के पास चलकर आता है, ओर इंजन के ऊपर ओएचइ लाइन से जुड़े पेंटो पर पोटली फेंककर भागते हुए नजर आता है। वारदात के बाद आरपीएफ ने इस हुलिए वाले व्यक्ति की काफी तलाश की, लेकिन वह नजर नहीं आया। इससे मामला संदिग्ध हो गया है।

यह हुई थी घटनाः

गुरुवार दोपहर 2ः25 मिनट पर यहां आई 14623 पातालकोट एक्सप्रेस के इंजन में गुरुवार दोपहर आग लग गई थी। इंजन के ऊपर ओएचइ लाइन में बिजली सप्लाई देने वाले पेंटो से अचानक तेज धुआं निकलता देख प्लेटफार्म पर हड़कंप मच गया था, अग्मिशमन यंत्रों से आग को तत्काल काबू कर लिया गया, यदि आग भड़क जाती तो रेलवे का करोड़ों रुपये का कीमती इंजन आग की भेंट चढ़ सकता था, ड्राइवर लाबी के आसपास इंजन के उपकरण जल सकते थे। ट्रेन रूकने के तीन मिनट बाद कैमरों में संदिग्ध फकीर पोटली फेंकते हुए नजर आ रहा है। ट्रेन में तुगलकाबाद डिपो का इंजन क्रं. 22691 लगा हुआ था। इस घटना की जांच भी 5 सदस्यीय टीम कर रही है।

पांच विभागों के प्रमुख कर रहे जांचः

रेलवे की जांच कमेटी में परिचालन विभाग, लोको, आरपीएफ, केरिज एंड वेगन, यातायात निरीक्षक इस तरह पांच विभागों की संयुक्त कमेटी बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है, हालांकि घटना के कारणों का पर्दाफाश तो खूफिया कैमरों से हो चुका है, इसके बावजूद अधिकारिक बयान देने के लिए कोई अधिकारी राजी नहीं है।

वर्जन

रेलवे की जांच समिति घटना की जांच कर रही है। फुटेज के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। आरपीएफ अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है।

देवेन्द्र कुमार चौहान, स्टेशन प्रबंधक।

वर्जन

इस मामले में प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है, इसकी जांच की जा रही है।

कमांडेट, आरपीएफ

Posted By: Nai Dunia News Network

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