इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि।

पिछले पंद्रह दिनों की राहत के बाद नर्मदाचंल में मानसून ने जबरदस्त ढंग से वापसी की है। रविवार रात से हो रही भारी वर्षा के चलते तवा जलाशय के सात गेट खोल दिए गए। इधर तवा बांध का बेक वाटर जमा होने से सुखतवा नदी पर बना ढाई करोड़ रुपये का पुल फिर उफान पर आ गया, इस वजह से सुबह 9ः30 बजे तक करीब 2 घंटे हाईवे पर वाहनों के पहिए थम गए।

ऐसे खोले गए गेटः अधिकारियों के अनुसार रविवार रात से बैतूल, पचमढ़ी एवं तवा के कैचमेंट एरिया में जारी लगातार वर्षा के कारण सोमवार सुबह 6 बजे बांध के तीन गेट 3-3 फीट खोले गए। लगातार इनफ्लो आने के कारण सुबह 9ः30 बजे 7 गेट 5-5 फीट तक खोले गए। जब लगातार बांध में पानी बढ़ता रहा तो दोपहर में बांध के 13 में से 7 गेट की ऊंचाई 5 फीट से बढ़ाकर 8-8 फीट तक की गई। बांध से करीब 86821 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, इससे पहले 54565 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी पांच-छह घंटे में नर्मदा नदी में पहुंचकर निचले इलाकों में बाढ़ के हालात पैदा करेगा। तवा नदी के तलहटी क्षेत्र में बसे गांवों में भी बाढ़ का खतरा है। वर्तमान में बांध का जलस्तर 1158. 90 फीट है।

हाईवे पर लगा जामः केसला पुलिस के अनुसार लगातार वर्षा की वजह से सुखतवा नदी का पानी नए पुल पर आ गया। यहां करीब 3 फीट पानी पुल के आसपास जमा होने के कारण केसला पुलिस ने दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी। सुबह 9ः30 बजे बांध से पानी छोड़ने के बाद पुल उतरा, इसके बाद 9ः30 बजे यातायात सामान्य हो सका। 10 अप्रैल को सुखतवा पुल हादसे में अंग्रेजी हुकूमत का पुल धराशाही हो गया था, इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से अस्थाई पुल का निर्माण किया, इस पुल की ऊंचाई कम होने से पिछले डेढ़ माह में करीब 10 बार पुल उफान पर आ चुका है, इससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थमी है, पिछले दिनों आर्मी इंजीनियरिंग कोर के अफसरों ने यहां तीन दिन में वैली पुल बनाने के लिए दौरा किया था, लेकिन एनएचएआई ने अभी तक इस पुल के निर्माण को मंजूरी नहीं दी है। फोरलेन पर जो बड़ा पुल बनना है, उसका काम भी अक्टूबर से पहले पूरा होने की संभावना नहीं है, इधर अंचल में लगातार वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी ने बताया कि अभी शहरी क्षेत्र में भारी वर्षा नहीं हुई है, पिछले दिनों पहाड़ी नदियों की वजह से शहर में बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए थे, इसे लेकर निचले इलाकों पर नजर रखी जा रही है। नगर पालिका अमले को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

गवर्निंग लेबल का नियम तोड़ाः

नियमानुसार तवा बांध का अगस्त माह में गवर्निंग लेबल 1160 फीट है, लेकिन सोमवार को तवा प्रबंधन ने 1158. 90 फीट पर ही बांध से पानी छोड़ दिया। गवर्निंग लेबल क्रास होने से पहले गेट खोलने के पीछे वजह को लेकर अधिकारी बात करने से इंकार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 46 बंद होने के बाद अधिकारियों के हाथ पैर फूल गए। लगातार वर्षा के कारण पानी उतरना संभव नहीं था, चूंकि तवा बांध का बेक वाटर ही सुखतवा नदी के आसपास निचले इलाकों तक जोर मारता है। सूत्रों के अनुसार जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के निर्देश पर तवा परियोजना के अधिकारियों को मजबूरी में गवर्निंग लेबल की सीमा पार होने से पहले ही बांध के गेट खोलना पड़े। हालांकि इस बारे में अधिकारी बात करने से परहेज कर रहे हैं। बांध के गेट खुलने के बाद जिला प्रशासन ने निचले इलाकों में हाइअलर्ट जारी कर दिया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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