इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं में लगातार विस्तार कर रहा है। इसके तहत रेलवे ट्रेक को मजबूती प्रदान करने और ट्रेक की स्पीड बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अब रेलवे ट्रेक की स्थिरता के लिए क्रांक्रीट स्लीपर को पटरी के साथ मजबूती प्रदान करने के लिए सामान्य पाइंट के स्थान पर थिक वेब स्विच का उपयोग किया जा रहा है। पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल पर 268 थिक वेब स्विच, कोटा मंडल पर 241 थिक वेब स्विच मुख्य रूट पर लगाए गए हैं। जबलपुर जोन में अभी तक कुल 509 थिक वेब स्विच स्थापित किया गए हैं। पश्चिम मध्य रेल ने तीव्र गति से कार्य करते हुए वर्ष 2021-22 में अभी तक भोपाल मंडल पर 37 थिक वेब स्विच और कोटा मंडल पर 124 थिक वेब स्विच के साथ कुल 161 थिक वेब स्वीच रेल लाइनों में स्थापित किए।

यह कार्य अधिकतर मुख्य रेल लाइनों पर किया गया। तीनों मंडलों में यह कार्य स्वीकृत है एवं मुख्य ग्रुप ए मार्गों और व्यस्त मार्गो पर प्राथमिकता देते हुए इस कार्य को किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल बढ़ने से ट्रेक पर ज्यादा स्पीड के साथ ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है। गति एवं संरक्षा की द्वष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध होगा। पमरे द्वारा इस कार्य को तीव्र गति से किया जा रहा है जिससे गाड़ियों की रफ्तार को अधिक बढ़ाया जा सके। पश्चिम मध्य रेल में अभी तक मेल-एक्सप्रेस गाड़ियों की अधिकतम गति 130-110 किमी प्रति घंटा है। जिसे अब बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटे की गति को हासिल करने पर विचार किया जा रहा है। प्रथम चरण में कोटा मंडल के मथुरा-नागदा रूट पर अधिकतम गति बढ़ाने का कार्य प्रगति पर जिसको वर्ष 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्‌य है।

तीन घंटे में लगता है स्विचः

इस टीडब्ल्यूयूएस को लगाने में लगभग ढाई से तीन घंटे के ब्लाक की आवश्यकता के साथ 30- 40 कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ती है। इसमें इस्तेमाल होने वाली पाइंट मशीन भी काफी मजबूत है। यह कार्य रेलव के इंजीनियरिंग, दूरसंचार, संकेत, परिचालन और विद्युत विभाग के सामूहिक प्रयासों से किया जा रहा है।

यह होगा फायदाः

ट्रेनों की गति 130 किमी प्रति घंटे से बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटे की जा सकती है।

लांग हाल मालगाड़ी जैसी भारी गाड़ियों के भार को सहने की अद्भुत क्षमता बढ़ेगी।

सामान्य पाइंट की तुलना में थिकवेब स्विच की विश्वसनीयता बहुत अधिक है।

सुरक्षा के लिहाज से सामान्य स्विच की तुलना में अधिक सुरक्षित है।

इसे नई रेल लाइन की कांक्रीट स्लीपर पर आसानी से लगाया जा सकता है। सामान्य स्विच की तुलना में थिक वेब स्विच की लाइफ तीन गुना अधिक होती है। साथ ही साथ इसका रखरखाव बहुत ही कम करना पड़ता है।

यात्रियों को आरामदायक यात्रा का लाभ देने में बढ़ोतरी होगी, चूंकि ट्रेनों के पाइंट बदलने से झटका नहीं लगेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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