Tribals Rights इटारसी नवदुनिया प्रतिनिधि। जल, जंगल और जमीन पर हमेशा से जनजातीय आदिवासी समुदाय का अधिकार रहा है, लेकिन अभी तक कुछ ठेकेदार और बिचौलिए उनका हक मारते रहे। जंगलों में रेंजर साहब डेंजर हो गए, कलेक्टर साहब, कमिश्नर साहब, डीएफओ साहब, यह नहीं चलेगा, अब शिवराज भी साहब नहीं बल्कि जनता के सेवक हैं। प्रजातंत्र में नई क्रांति का दौर है, अब साहबगिरी खत्म होगी। जनता ही साहब बनेगी, आदिवासी क्षेत्रों के विकास हेतु विधायक-सीएम के हाथ जोड़ने की जरूरत नहीं, अपनी सरकार ग्रामसभा खुद चलाएंगी और विकास करेंगी।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी विकासखंड केसला के ग्राम सहेली में आयोजित पेसा जागरूकता सम्मेलन में कही। चौहान बोले, प्रदेश सरकार ने 89 अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून लागू कर दिया है, अब खनिज, तालाब, वनोपज से लेकर जंगलों पर आदिवासियों का अधिकार रहेगा। यहां मौजूद कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस और वन अफसर इस कानून को अच्छे से पढ़कर समझ लें।

चौहान ने कहा प्रदेश में जनजातीय वर्ग को सशक्त और अधिकार संपन्ना बनाने के लिए पेसा एक्ट लागू किया गया है, जिससे उनके जीवन में खुशहाली आएगी। गांव का पैसा गांव के विकास में ही उपयोग होगा। छल और कपट से प्रदेश की धरती पर धर्मांतरण नहीं होने देंगे, उन्होंने पैसा एक्ट से मिले अधिकारों के प्रति जनजातीय समुदाय को जागरूक किया।

नए नियमों के अनुसार अब पटवारी और बीट गार्ड को ग्रामसभा की बैठक में जमीनों का नक्शा, खसरा, बी वन की नकल रखना होगी, जिससे जमीन के रिकार्ड में हेरफेर न हो सके। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो ग्राम सभा को उसे ठीक करने का अधिकार रहेगा। किसी भी परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण अब अफसर नहीं करेंगे, बल्कि ग्राम सभा इसे मंजूरी देगी।

मप्र में धर्मातंरण को सरकार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी, आदिवासी बेटियों से विवाह कर आरक्षित जमीनें हथियाने का खेल भी नहीं चलेगा। अब यहां के तालाबों, खदानों के आवंटन में भी पहले जनजातीय समितियों, आदिवासी बहनों को प्राथमिकता देंगे, ग्रामसभा की मंजूरी लिए बिना कोई आवंटन नहीं होगा।

तालाब में मछली पालन, सिंघाड़ा उत्पादन के फैसले भी ग्राम सभा में होंगे। सौ एकड़ के सिंचाई तालाबों का प्रबंधन, वनोपज का संग्रहण एवं वनोपज को सीधे बेचने के अधिकार मिल गए हैं, अब यहां का रुपया भोपाल नहीं जाएगा, ठेकेदार-बिचौलिए खत्म होंगे। तेंदूपत्ता की तुड़ाई और ब्रिकी का कार्य भी जनजातीय वर्ग करेगा, वनोपज के दर ग्रामसभा तय करेगी।

ग्राम सभा तेंदूपत्ता संग्रहण एवं विक्रय का प्रस्ताव 15 दिसंबर तक पारित करे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से कब और कौन सा काम होना है, यह ग्राम सभाएं तय करेंगी। मस्टर रोल भी ग्राम सभा देखेगी। यदि गांव से मजदूरों को बाहर ले जाना है तो पहले ग्राम सभा को जानकारी देनी होगी। गांव में बाहर से आने वाले व्यक्ति की जानकारी भी ग्राम सभा को देनी होगी।

पंचायत की अनुमति से खुलेंगी भांग-शराब दुकानें

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिना ग्राम सभा की अनुमति के कोई नई शराब की दुकान नहीं खुलेगी। किसी शराब दुकान को हटाने की अनुशंसा ग्राम सभा कर सकेगी। अब पंचायतों में गांव के मामूली झगड़े-विवाद निपटाने के लिए भी समिति बनेगी, इसमें महिलाओं को भी रखेंगे। सीएम ने कहा कि गांवों को मयखाना नहीं बनाना है, शराब दुकान के अलावा कहीं भी अवैध शराब नहीं बिकना चाहिए। स्व सहायता समूह की बहनों के सशक्तीकरण के लिए भी सरकार 3 हजार करोड़ रुपये खातों में डालेगी।

डीएफओ की पुकार पर मचा हड़कंप

तेंदूपत्ता संग्रहण की जानकारी देने सीएम ने मंच पर डीएफओ को बुलाया। जब वे नहीं आए तो कहा कि दूसरे अफसर को भेजो। कलेक्टर ने बताया कि डीएफओ प्रशिक्षण पर हैं, तब सीएम ने कहा कोई ओर तो होगा। पुकार सुनते ही एसडीओ फारेस्ट दौड़ते-भागते मंच पर पहुंचे। सीएम ने कहा यह कानून समझ लेना, इसका पालन कराएं। सीएम ने नसीहत देकर कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण में वनोपज संघ की भूमिका नहीं होगी, ग्राम सभा ही इसे तय करेगी।

सीएम ने पुलिस अफसरों से कहा कि गांव में नशाबंदी भी करें, किराना दुकान में भी शराब बिके, ऐसा नहीं चलेगा। शिकायत मिलेगी तो मैं छोड़ने वाला नहीं। कार्यक्रम के शुभारंभ में सीएम ने आदिवासी वीर नायकों बिरसा मुंडा, महाराज भभूत सिंह, रानी दुर्गावती एवं टंट्या भील के जयकारे लगाए।

कार्यक्रम में सांसद राव उदय प्रताप सिंह, विधायक सीतासरन शर्मा, विजयपाल सिंह, ठाकुर दास नागवंशी, प्रेमशंकर वर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष दर्शन सिंह चौधरी, प्रदेश भाजपा महिला अध्यक्ष माया नारोलिया, डा. राजेश शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष माधवदास अग्रवाल मंचासीन रहे।

जनजातीय लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

कार्यक्रम में एकलव्य आवासीय विद्यालय केसला, कन्या आवासीय परिसर सुखतवा, चूरना आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य एवं गीतों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में कमिश्नर श्रीमन शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक दीपिका सूरी, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डा गुरकरन सिंह, जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत मौजूद रहे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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