इटारसी(होशंगाबाद)। इटारसी जंक्शन के प्लेटफार्म-7 पर शनिवार की दोपहर करीब 3.30 बजे एक वेंडर ने देवदूत बनकर एक महिला और उसकी दुधमुंही बच्ची की जान बचा ली। यह महिला चलती ट्रेन से उतरते समय बच्ची सहित फिसल गई थी, लेकिन वेंडर ने फुर्ती दिखाकर उन दोनों को खींचकर ट्रेन के नीचे गिरने से रोक लिया। इस दौरान वेंडर के हाथ में चोट आई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन नंबर 12158 कोयंबटूर हॉलीडे एक्सप्रेस यहां से रवाना हो रही थी। तभी उसके एक स्लीपर कोच से एक बुजुर्ग उतरे। उनके पीछे सुरेश पांडे नामक यात्री उतरे। उन्हें देखकर वहां मौजूद वेंडरों ने चिल्लाया कि चलती ट्रेन से क्यों उतर रहे। तभी सबकी नजर वहां पड़ी, तो देखा कि उसी कोच से एक महिला अपनी मासूम बच्ची को लेकर उतर रही है। महिला के हाथ से हैंडल छूटने के कारण वह फिसलकर गिरी।

यह देखकर वेंडर रमेश सिंह (55) ने फुर्ती दिखाकर महिला और बच्ची को प्लेटफार्म पर खींच लिया। आसपास मौजूद अन्य वेंडर भी उनकी मदद करने पहुंच गए। शोर सुनकर किसी यात्री ने चेन पुलिंग कर दी। आरपीएफ के ड्यूटीरत जवान संतोष सिंह भदौरिया, मुकेश कुमार सामोता और जीआरपी के जवान खेमंत पांडे, नरेश वर्मा भी मौके पर पहुंच गए।

गलत ट्रेन में बैठ गई थी

महिला यात्री ने खुद का परिचय जूली पांडे के रूप में दिया। जूली के मुताबिक वह अपने पति सुरेश पांडे और ससुर के साथ बिहार के बक्सर से सिकंदराबाद जा रही थी। नई दिल्ली से इटारसी तक एक ट्रेन से आ गई थीं। यहां ट्रेन बदलना थी। उन लोगों को किसी ने बोल दिया कि हॉलीडे एक्सप्रेस सिकंदराबाद रुकेगी, इसलिए उसमें बैठ गए। ट्रेन चलने पर किसी यात्री ने बताया कि यह ट्रेन सिकंदराबाद नहीं जाएगी। इसलिए चलती ट्रेन से उतर गए।

उनके आगे उनके ससुर और पति उतरे थे। जूली से बातचीत के बाद वेंडरों ने जूली के पति सुरेश पांडे को डांटकर कहा कि उतरना ही था, तो चेन पुलिंग कर देते या नागपुर जाकर उतर जाते। चलती ट्रेन से उतरने पर कोई अनहोनी हो जाती, तो जिम्मेदार कौन होता। बाद में वे लोग दूसरी ट्रेन से सिकंदराबाद रवाना हो गए।

Posted By: Hemant Upadhyay