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सोमनाथ एक्सप्रेस में चढ़ रहा यात्री ट्रेक पर गिरा, पुलिस ने बचाई जान

इटारसी। सोमवार सुबह 10ः30 बजे प्लेटफार्म तीन पर 11463 सोमनाथ एक्सप्रेस में चढ़ने का प्रयास कर रहा एक बुजुर्ग यात्री बाल-बाल बचा, चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त पैर फिसलने से यात्री ट्रेक पर गिर गया, कोई अनहोनी होती इससे पहले वहां खड़े रेलकर्मियों एवं आरपीएफ जवानों ने चैन पुलिंग कर यात्री को सुरक्षित खींचकर बचा लिया।

कैसे हुआ हादसाः

ट्रेन के कोच एस-8 मं अंजनिया रामपुर मंडला निवासी 87 वर्षीय रेवा शंकर पुत्र हीरा लाल अग्निहोत्री परिजनों के साथ यात्रा कर रहे थे। वे ट्रेन से बाहर आए थे, अचानक सिग्नल हुआ और ट्रेन चली तो घबराकर रेवाशंकर कोच के पायदान पर चढ़े, लेकिन पैर फिसलने से चलती ट्रेन के अंदर ट्रेक में गिरकर फस गए। यात्रियों ने तत्काल चैन पुलिंग कर गाड़ी रोकी। यहां खड़े आरपीएफ आरक्षक मोहम्मद असलम, शमशेर आलम व यात्रियों ने उन्हें बाहर निकाला। हाथ पैर में चोट होने से तत्काल उन्हें उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया। हादसे की वजह से 5 मिनट ट्रेन देरी से रवाना हुई।

जा सकती थी जानः

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरपीएफ एवं यात्रियों की सतर्कता से वृद्घ यात्री की जान बच गई, जरा सी देरी होने पर वे कोच के पहियों की चपेट में आ सकते थे।

फोटो नेम. 09 आईटी 09

इटारसी। इस तरह बुजुर्ग ट्रेन के नीचे गिर गया था, जिससे बचाया गया।

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जरूरत डामर की पूरी लेयर चढ़ाने की है, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा

-इटारसी शहर में प्रवेश करने वाले ओवर ब्रिज रोड का मामला

इटारसी। नवदुनिया प्रतिनिधि

भारी बरसात के कारण इटारसी शहर में प्रवेश करने वाले ओवर ब्रिज की रोड से डामर गायब हो गया है। इसमें कई सारे गड्ढे हो गए थे, जिन्हें भरे जाने का काम अभी लोक निर्माण विभाग ने शुरु किया है। विभाग ने जिस व्यक्ति को मेंटनेस का ठेका दिया है वह सिर्फ गड्ढे ही भर रहा है, जबकि यहां पूरी ही पूरी रोड पर डामर की लेयर चढ़ाने की आवश्यकता है। यदि ऐसा नहीं होता है तो रोड सुगम नहीं हो पाएगी। इस रोड से हजारों की संख्या में बड़े व छोटे वाहन आते जाते हैं। टू लेन में बनी ये सड़क करीब 700 मीटर लंबी है।

नागरिकों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग को यहां पूरी लेयर चढ़ानी चाहिए ताकि नागरिकों को यहां से वाहन लेकर गुजरने में आसानी हो।

खबर के साथ फोटो : 09 आईटी 05

इटारसी। ओवर ब्रिज पर गड्ढों में डॉमर भरते हुए।

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एंकर खबर :

69 वें दिन जय जगत यात्रा ने किया पड़ाव, बापू की स्मृतियां देखीं

गांधीवादी सतीश गोठी की स्मृति में पदयात्रियों ने सुबह प्रार्थना के समय मौन रखकर श्रद्घांजलि अर्पित की

इटारसी। नवदुनिया प्रतिनिधि

जय जगत 2020 विश्व शांति यात्रा में सम्मलित देश विदेश के सभी पदयात्री नगर व आसपास के गांवों में यात्रियों के स्वागत की तैयारी में लगे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे सेठ लक्ष्मीचंद गोठी परिवार के सदस्य सतीश गोठी के असामयिक निधन से दुखी हो गए। सतीश की स्मृति में पदयात्रियों ने सुबह प्रार्थना के समय मौन रखकर श्रद्घांजलि अर्पित की। यात्रा के संयोजक राजगोपाल पीवी ने रोज की तरह जुलूस में सबसे आगे पैदल न चलकर पीछे पीछे चले। यात्रा में सहयोग कर रहे यतीश मेहता के पुत्र जाबल मेहता का निधन हुआ तथा समाचार मिलने पर ही पद यात्री ने उन्हें अर्पित करते हुए मौन धारण किया था कि 24 घंटे के भीतर उन्हें एक अन्य प्रमुख सहयोगी गोठी परिवार के सदस्य के निधन का समाचार मिला। कोई भी बदलाव या जनकल्याण एक तपस्या है जिसके समानांतर हम किसी न किसी को खो रहे होते हैं। फिर भी बदलाव की जम्मेदारी अहम है, जिसमे आगे निरंतर बढ़ना होगा। पूरे एक साल के लिए दिल्ली से जिनेवा तक पदयात्रा कर रही श्रद्घा कश्यप के पति राजीव कश्यप को भी हमने खोया है।इन सभी घटनाओं के अनुभवों से भिंड से एक साल के लिए यात्रा कर रहे युवा नीरू दिवाकर ने कहा विश्व शांति के लिए यह यात्रा एक तपस्या है। यात्रियों ने उस धर्मशाला को देखा जहां वर्ष 1933 में 3 दिसंबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने दुर्ग से इटारसी प्रवास के समय निवास किया था। धर्मशाला का निर्माणश्री गोठी के दादा लक्ष्मीचंद गोठी ने 1824 में किया था। गांधीजी के बाद स्वाधीनता सेनानियों के लिए, सामाजिक व राजनीतिक व्यवस्था परिवर्तन में लगे लोगों के लिए यह धर्मशाला केन्द्र रहा है। यात्रा के 69 वें दिन सभी पदयात्री पथरोटा में संदीप महतो के कृषि कॉलेज भारत कालिंग में रात्रि विश्राम करेंगे। जय जगत यात्रा 2 अक्टूबर 2019 से शुरू हुई है। महात्मा गांधी और कस्तूरबा के 150 वीं जन्म शताब्दी के वर्ष पूरी दुनिया में शांति और अहिंसा के संदेश को पहुंचाने के लिए यह यात्रा 10 देशों से पैदल यात्रा करते हुए 12 हार किमी. की पैदल यात्रा करेगी। भारत में यह यात्रा 4 महीने चलेगी। गरीबी उन्मूलन, असमानता खत्म हो, जलवायु संकट और हिंसा को रोकने जैसे 4 मुद्दे को लेकर 50 पदयात्री पूरे साल पैदल यात्रा करेंगे। अगले वर्ष अक्टूबर 2020 को यह यात्रा जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के सामने समाज के आखिरी व्यक्ति के न्याय और पूरी दुनिया में शांति की बात रखेंगे। इस यात्रा में 10 देशों और भारत के 18 अलग अलग राज्यों से पदयात्री इस संदेश के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

इन देशों में जाएगी यात्रा

दुनिया के अलग अलग देशों के फ्रांस से डेण्णी, मीका, केन्या से सिडनी, न्यूजीलैंड से बेंजामिन, एकता परिषद से सरस्वती उइके, कस्तूरी पटेल, राजस्थान से जयसिंह जादौन, छत्तीसगढ़ से निर्मला, सीताराम स्वामी, छिंदवाड़ा से मुदित श्रीवास्तव, भिंड से नीरू दिवाकर, भोपाल से शाहबा ख़ान, खुशबू चौरसिया, सतीश राज आचार्य, उतरप्रदेश से आशिमा बिहार से सन्नी कुमार, गुजरात से पार्थ, तमिलनाडु से श्रुति, केरल से अजित, बेंजी, महाराष्ट्र से जालंधर भाई आदि पूरे 50 पदयात्री अगले साल जिनेवा पहुंचेंगे।

फोटो नेम.... 09 आईटी 07

इटारसी। गांधी स्टेडियम के सामने मौजूद बापू की प्रतिमा पर मार्ल्यापण करते हुए अनुयायी।

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जनाक्रोश आंदोलन के लिए भाजपा ने बनाई रणनीति

इटारसी। कांग्रेस की कमलनाथ सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों, युवाओं और जनता के साथ की गई वादाखिलाफी के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा केसला में जनाक्रोश आंदोलन की तैयारी हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख रूप से भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संतोष पारेख, केसला मंडल प्रभारी शैलेन्द्र दीक्षित, जनपद अध्यक्ष गणपत उइके, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सुनील बाबा ठाकुर, मयंक महाला सहित भाजपा एवं युवा मोर्चा के कार्यकर्ता अजय बाजपेयी, विजय यादव, विष्णु सिरोहिया, शानू राठौर, नीलेश ठाकुर, लक्ष्मी कटारे, धीरज यादव, राजेश यादव, महेश ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

फोटो नेम... 09 आईटी 08

इटारसी। आंदोलन के लिए रणनीति बनाते हुए भाजपा कार्यकर्ता।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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