जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 'आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी एवं होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी परीक्षा-2021" का आयोजन रविवार को किया गया। इसमें 1485 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा के दौरान कहीं से किसी प्रकार की अप्रयि घटना की सूचना नहीं मिली।

यह परीक्षा शहर और आस-पास के सात परीक्षा केन्द्रों में दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक आयोजित हुई। परीक्षा के सफल, व्यवस्थित एवं शांति पूर्ण आयोजन के लिए परीक्षा केन्द्राध्यक्ष एवं सहायक को-आर्डिनेटर की नियुक्ति तीन दिन पहले ही की जा चुकी थी।

उप आयुक्त राजस्व कविता बाटला के अनुसार आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के लिए तीन परीक्षा केंद्रों पर एवं होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी के लिए चार परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा ली गई। आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी की परीक्षा के लिए जबलपुर में 849 लोगों का रजिस्ट्रेशन रहा। इनमें से 688 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसी प्रकार होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी की परीक्षा के लिए जबलपुर में 1039 लोगों का रजिस्ट्रेशन था। इनमें से 797 ने परीक्षा दी। इस तरह से कुल रजिस्टर्ड 1888 अभ्यर्थियों में से 1485 ने परीक्षा दी। 403 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे।

पुलिस महकमे के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार

जबलपुर। मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने गृह मंत्री को पत्र भेजकर पुलिस कर्मियों के वेतन का पुनरीक्षण किए जाने की मांग की है। संघ के योगेंद्र दुबे ने बताया कि महंगाई के इस दौर में भी पुलिस महकमे को महज 18 रुपये विशेष पुलिस भत्ता दिया जा रहा है, जो कि अन्याय है। पुलिस महकमा 24 घंटे शासन- प्रशासन व जनहित में सुरक्षा के लिए तत्पर रहता है। इसके बाद भी पुलिस महकमे के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। यात्रा भत्ता समय पर भुगतान भी नहीं किया जाता। इनको प्रतिमाह मोबाइल भत्ता दिया जाना चाहिए। संघ के गोविन्द बिल्थरे, रजनीश तिवारी अर्वेन्द्र राजपूत, अवधेश तिवारी, अटल उपाध्याय आलोक अग्निहोत्री, मुकेश सिंह, मिर्जा मंसूर वेग, आशुतोष तिवारी, ब्रजेश मिश्रा, डा. संदीप नेमा, मनीष शुक्ला आदि ने गृह मंत्री को ईमेल के जरिए पत्र भेजकर मांगें पूरी किए जाने की मांग की है।

Posted By: tarunendra chauhan

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