जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि ।

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार सक्सेना की देख-रेख में अस्थायी व निरंतर लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसके जरिये जिला अदालत जबलपुर व तहसील न्यायालय पाटन व सिहोरा में चंद घंटों के भीतर 39 मामले निराकृत कर दिए गए। इसके जरिये 92 लाख 44 हजार रुपये का मुआवजा वितरित किया गया। इससे 49 व्यक्ति लाभांवित हुए।

मनोवैज्ञानिक तरीके से समझाइश दी गई:

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शनिवार को सुबह 10 बजे से ऑनलाइन अस्थायी व निरंतर लोक अदालत का शुभारंभ हुआ। इसके लिए कुल चार खंडपीठ गठित की गई थीं। प्रत्येक खंडपीठ में न्यायाधीश के अतिरिक्त एक-एक अधिवक्ता को विवादों के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। दोनों पक्षों को मनोवैज्ञानिक तरीके से समझाइश दी गई। इसका नतीजा यह हुआ कि दोनों पक्ष बीच का समाधान का रास्ता निकालने राजी हो गए। इस तरह सहज, सुलभ व त्वरित न्यायदान की दिशा में एक और कीर्तिमान दर्ज करने में सफलता मिल गई।

108 मामले सूचीबद्ध किए गए थे:

ऑनलाइन अस्थायी व निरंतर लोक अदालत में निपटारे के लिए कुल 108 मामले सूचीबद्ध किए गए थे। यदि भौतिक अस्थायी व निरंतर लोक अदालत आयोजित हुई होती तो अपेक्षाकृत अधिक मामले निपट जाते। लेकिन ऑनलाइन अस्थायी व निरंतर लोक अदालत में भी कम नहीं पूरे 39 मामले निराकृत करने का रिकॉर्ड बनाया गया। जबलपुर की तरह पाटन व सिहोरा में भी दोनों पक्षों का सहयोग काबिले तारीफ रहा। दोनों पक्षों के अधिवक्ता व्यावसायिक लाभ से ऊपर पक्षकारों की विवाद समाप्त करने की भावना का समर्थन करते नजर आए।

Posted By: Sunil Dahiya

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