School in Madhya Pradesh : नीरज उपाध्याय, जबलपुर। मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता है। विद्यार्थियों की संख्या भी कम होती जा रही है। वर्ष 2018-19 और 2019-20 की तुलना की गई तो सरकारी स्कूलों से 2 लाख 80 हजार 368 बच्चे नदारद मिले। इसको लेकर स्कूल शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। विभाग ने पिछले दिनों समस्त जिलों को एक सूची भेजी है जिसमें सत्र 2018-19 और सत्र 2019-20 में किस जिले में कितने बच्चे दर्ज हैं उसका उल्लेख किया गया है। 2018 की अपेक्षा 2019 में छात्र संख्या स्कूलों कैसे घट गई इसका कारण भी पूछा है। इधर निजी स्कूलों में 2018 की अपेक्षा 2019 में छात्र संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।

सरकारी स्कूलों की छात्र संख्या पर एक नजर

- सत्र 2018-19 में 91 लाख 55 हजार 521

- सत्र 2019-20 में 88 लाख 75 हजार 153 स्कूलों में दर्ज पाए गए।

- 2018 की अपेक्षा 2019 में छात्र संख्या स्कूलों से कम हुई।

- सभी छात्र कक्षा एक से लेकर आठवीं तक में अध्यनरत थे।

- जिलों द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी गई बच्चों के नामांकन सूची में हकीकत आई सामने।

- प्रदेश में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के 99 हजार 987 स्कूल हैं।

प्राइवेट स्कूलों की छात्र संख्या पर एक नजर

- सत्र 2018-19 में 65 लाख 79 हजार 958

- सत्र 2019-20 में 66 लाख 60 हजार 966

- निजी स्कूल में साल 2018 की अपेक्षा 2019 में 81 हजार 08 छात्र संख्या बढ़ गई।

- प्रदेश में निजी स्कूलों की संख्या 35 हजार 411

कक्षा एक से लेकर आठवीं तक में 2018 और 2019 में कितने बच्चे स्कूलों में दर्ज हैं इसकी सूची विभाग द्वारा भेजी गई है। छात्र संख्या में असामनता होने के कारण उसका मिलान करना है। -डीके श्रीवास्तव, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक

Posted By: Nai Dunia News Network

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