जबलपुर। शिव पुराण परब्रह्म परमात्मा के समान गति प्रदान करन वाला है। शिव पुराण में भगवान शिव का सर्वस्व है। इस लोक और परलोक में सुख की प्राप्ति के लिए आदरपूर्वक इसका सेवन करना चाहिए। उक्ताशय के उद्गार ब्रह्मचारी चैतन्यानंद महाराज ने शिव महापुराण में व्यक्त किए।

शंकराचार्य मठ बगलामुखी सिद्धपीठ सिविक सेंटर में चल रहे शिव महापुराण और पार्थिव शिवलिंग निर्माण में उन्होंने कहा कि यह निर्मल शिव पुराण धर्म, अर्थ, काम और मोक्षरूप चारों पुरुषार्थों को देने वाला है। प्रतिदिन आदरपूर्वक शिव पुराण का पूजन करने वाले मनुष्य संसार में संपूर्ण भोगों को भोगकर भगवान शिव के पद को प्राप्त करते हैं। वे सदा सुखी रहते हैं। कथा के पूर्व 21000 पार्थिव शिवलिंग निर्माण उनका दुग्धाभिषेक बिल्वपत्र अर्चन एवं महा आरती हुई। कथा में श्याम चौदहा, राधा शुक्ला, नीता चौदहा, नीता पटेल, सरोज द्विवेदी, वसुंधरा पांडे आदि उपस्थित रहे।

गणपति विवाह में भक्तों ने गाए बधाई गीत

जबलपुर। जीसीएफ इस्टेट स्थित आदि पराशक्ति काली मंदिर में आयोजित महाशिवपुराण में भगवान गणेश का विवाह भक्तों ने बधाई गीत गाकर मनाया। प्रियदर्शिनी दीदी ने कथा में गणपति विवाह का माधुर्यपूर्ण वर्णन किया। त्रिपुरासुर और तारकासुर के वध की घटना का भी उल्लेख करते उन्होंने स्पष्ट किया कि जगत को अत्याचार और अन्याय से बचाने के लिए इन असुरों का अंत अत्यंत अनिवार्य हो गया था। कथा में चंद्रपाल यादव, कैलाश यादव, रामकुमार यादव, रामगोपाल दीक्षित, शंकरलाल मिश्रा, पंडित राहुल दीक्षित आदि उपस्थित रहे।

झूलेलाल मंदिर में की जल ज्योति की पूजा

जबलपुर। चालीसा व्रत महोत्सव एवं हरियाली उत्सव के उपलक्ष्य में झूलेलाल मंदिर भरतीपुर में भगवान का सब्जियों से श्रंगार किया गया। स्वामी अशोकनंद ने भगवान की भक्ति पर प्रवचन दिए। पूजन के दौरान विधायक अशोक रोहाणी, डा. जितेंद्र जामदार, उधवदास पारवानी, त्रिलोक वासवानी, रमेश आहूजा, राम आहूजा, अनिल रोहरा, प्रकाश आसवानी, धर्मेंद्र मंगलानी, राजकुमार कंधारी आदि उपस्थित रहे।

स्वामी कालिकानंद का जन्मोत्सव आज

जबलपुर। श्री सिद्ध शक्तिपीठ कालीधाम ग्वारीघाट के संस्थापक दंडी स्वामी कालिकानंद प्यारेनंद सरस्वती महाराज का 90वां जन्मोत्सव शनिवार को सुबह 11 बजे मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह 6 बजे से मां भगवती काली का महाभिषेक षोडोपचार विधि से आचार्य पुरोहितों के मंत्रोच्चारण के साथ किया जाएगा।

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