जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जीवन दायिनी मां नर्मदा नदी को गंदे नालों से निजात दिलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी ये कवायद कागजी है। बहरहाल नगर निगम ने नर्मदा शुद्धिकरण अभियान की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। जिसके तहत सर्वप्रथम एक दल का गठन किया जाएगा। जो मां नर्मदा में मिल रहे गंदे नालों की रोकथाम के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए स्थल निरीक्षण करेगी। इसके बाद नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी, इसे धरातल पर उतारा जाएगा। यदि वाकई महापौर और नगर निगम के अधिकारियों ने संजीदगी बरती तो कार्ययोजना 15 दिन में बनकर तैयार हो जाएगी और इसे धरातल पर उतारा जा सकेगा। विदित हो कि नर्मदा नदी शहर की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इसमें मिल रहे गंदे नालों को रोकने इसके पूर्व भी तीन महापौर प्रयास कर चुके हैं लेकिन नर्मदा को प्रदूषित होने से नहीं रोक पाए।

प्रस्ताव बनाकर पेश करो-

मां नर्मदा शुद्धिकरण अभियान के लिए महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू द्वारा द्वारा निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ को भेजे गए पत्र के बाद निगमायुक्त ने कार्ययोजना बनाने व प्रस्ताव तैयार करने की जिम्मेदारी कार्यपालन यंत्री कमलेश श्रीवास्तव को सौंपी है। निगमायुक्त ने कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया है कि एक विभागीय दल का गठन किया जाए जिसमें पार्षदगण, जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाते हुए नर्मदा नदी में मिल रहे नाले-नालियों का भ्रमण करें। 15 दिवस के अंदर नर्मदा नदी को प्रदूषण रहित बनाने हेतु कार्ययोजना, प्रस्ताव तैयार कर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करें। निगमायुक्त ने कहा कि भ्रमण के दौरान नर्मदा नदी में मिलने वाले सभी नाले-नालियों को चिहिंत किया जाए। आवश्यकतानुसार नाले-नालियों के मार्ग में कहां परिवर्तन करना है, नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने कहां-कहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाना है ताकि नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे पानी को शुद्ध जल में परिवर्तित कर उक्त पानी का उपयोग उद्यानों में सिंचाई करने, अग्निशमन विभाग के टैंकरों को भरने के उपयोग में लाया जाए जा सके।

महापौर के घोषणापत्र में नर्मदा का शुद्धिकरण शामिल

विदित हो कि महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू के घोषणापत्र में मां नर्मदा का शुद्धिकरण शामिल है। सात अगस्त 2022 को शपथ ग्रहण के एक घंटे के भीतर ही महापौर ने मां नर्मदा को शुद्ध करने की फाइल पर हस्ताक्षर कर निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ को इस निर्देश के सौंपे थे कि तत्काल नर्मदा में मिलने वाले गंदे नालों की सही जानकारी एकत्र करें? और उन्हें नर्मदा में जाने से रोकने के लिए नालों को डायवर्ट करने, सीवर, ट्रीटमेंट प्लांट लगाने औकार्य कराने की र शुद्ध किए पानी का उपयोग कहां करना है इसकी पूरी कार्ययोजना बनाकर पेश करें। ताकि इसकी निविदा जारी की जा सके। महापौर के इस निर्देश पर अमल करते हुए निगमायुक्त प्रक्रिया शुरू कर दी है।

नर्मदा में ऐसे मिल रहे गंदे नाले

- ग्वारीघाट में चार नालियों का पानी नर्मदा में मिल रहा है।

- तिलवाराघाट के पास शाहनाला, खंदारी नाले का गंदा पानी ग्राम तिलवारा के पास नर्मदा में घुल रहा

- 40 से ज्यादा छोटे- बड़े नाले मिलकर नर्मदा को प्रदूषित कर रहे हैं।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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