जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। हाई कोर्ट व जिला न्यायालय के अधिवक्ता अनुराग साहू को आत्महत्या किए एक सप्ताह बीतने के बावजूद निष्पक्ष जांच नदारद होने से अधिवक्ता वर्ग का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसे गंभीरता से लेकर हाई कोर्ट बार, हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार व जिला बार एसोसिएशन जबलपुर ने गुरुवार, छह अक्टूबर को आकस्मिक संयुक्त बैठक बुलाई। इस दौरान सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि पुलिस अधीक्षक 48 घंटों के भीतर निष्पक्ष जांच पूरी कर रिपोर्ट सार्वजनिक करें। इस रिपोर्ट में आत्महत्या का कारण स्पष्ट होना चाहिए। समस्त संबंधित दस्तावेजों सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट अधिवक्ता संघों को न सौंपी गई तो दशहरा अवकाश के बाद 11 अक्टूबर को न्यायालय खुलते ही यह मामला गंभीर रूप ले सकता है।

हाई कोर्ट बार सचिव परितोष त्रिवेदी, हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार सचिव प्रवीण दुबे व जिला बार सचिव राजेश तिवारी ने उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुराग साहू के रूप में एक होनहार वकील के अचानक इस तरह चले जाने से समूचा अधिवक्ता समुदाय आक्रोशित है। लिहाजा, अधिवक्ता समुदाय व साहू परिवार को न्याय की दरकार है। बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। पुलिस प्रशासन इस सिलसिले में अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण गंभीरता से ले।

देशव्यापी आंदोलन के बन रहे आसार

हाई कोर्ट व जिला बार के पदाधिकारियों ने बताया कि यह मामला स्थानीय व प्रादेशिक ही नहीं बल्कि देशव्यापी आंदोलन का रूप लेने की तरफ अग्रसर है। जांच में विलंब से शंका गहराती जा रही है। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच की संभावना कमजोर होती जा रही है। अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज के बाद कुछ वकील साथी उत्तेजित हो गए थे। लिहाजा, लाठीचार्ज किसके आदेश पर और किन हालात में किया गया, यह भी जांच का विषय है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस की जांच में अपेक्षित प्रगति नजर नहीं आने से वास्तविक तथ्य पर्दे के पीछे हैं और दोषियों पर कार्रवाई नदारद है।

Posted By: Jitendra Richhariya

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