जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मनोकामनाओं की मां काली की ख्याति जबलपुर और प्रदेश की सीमाओं से निकलकर देश के कई शहरों व सात समुंदर पार पहुंच गई है। यही वजह है कि जबलपुर, भोपाल, इटारसी, नोएडा, पुणे यहां तक कि न्यूयार्क में निवास कर रहे तमाम श्रद्धालु नवरात्र पर मां काली की मूर्ति स्थापना करने के अवसर का इंतजार कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अग्रिम बुकिंग करा रखी है।

दरअसल, शारदीय नवरात्र पर रांझी-बड़ा पत्थर मार्ग सब्जी बाजार के समीप मनोकामनाओं की मां काली की स्थापना की जाती है। पंडाल में रोजाना हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। इनमें से तमाम श्रद्धालु मां काली से मन्नत मांगते हैं। मन्नत यानि मनोकामना पूरी होने पर वे आगामी वर्षों में नवरात्र पर प्रतिमा स्थापना का संकल्प लेते हैं। हर साल कोई न कोई श्रद्धालु प्रतिमा की स्थापना करता है। वर्ष 2056 तक के लिए प्रतिमा स्थापना की बुकिंग श्रद्धालु करा चुके हैं, जिसके बाद समिति ने प्रतिमा की अग्रिम बुकिंग पर रोक लगा दी है। वर्ष 2022 में प्रतिमा स्थापना का सौभाग्य छठवीं बटालियन के उप निरीक्षक गणेश विश्वकर्मा को मिला है। मन्नत पूरी होने पर गणेश व उनके स्वजन ने 14 वर्ष पूर्व प्रतिमा स्थापना का संकल्प लिया था। इस वर्ष वह शुभ घड़ी आई और उनका पूरा परिवार मनोकामनाओं की मां काली के पंडाल में सेवा में जुटा है। नवरात्र पर्व पर मनोकामनाओं की मां काली के पंडाल में श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनती है।

26 साल पहले हुई थी शुरुआत-

मनोकामनाओं की मां काली समिति के पंडा पं. रमेश शर्मा ने बताया कि 26 साल पहले मनोकामनाओं की मां काली समिति द्वारा मूर्ति स्थापना की शुरुआत की गई थी। चंद्रशेखर वार्ड रांझी में मां काली का दर्शन करने वाले श्रद्धालु मां से मन्नत मांगने लगे। मन्नत पूरी हाेने पर वे आगामी वर्षों में प्रतिमा स्थापना का संकल्प लेने लगे। इसी तरह 2056 तक के लिए मूर्ति स्थापना की बुकिंग हो चुकी है। मूर्ति का खर्च श्रद्धालु वहन करते हैं। वर्तमान में सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु हैं जो मनोकामनाओं की मां काली की मूर्ति स्थापना के लिए कतार में हैं। पं. शर्मा ने बताया कि समिति के निर्णय के बाद 2056 के बाद के लिए मूर्ति स्थापना की बुकिंग की जाएगी।

मां स्वस्थ व भाई-बहनों की शादी हुई, पिता काे प्रमोशन मिला-

इस वर्ष मां काली की प्रतिमा स्थापित करने वाले गणेश विश्वकर्मा व उनके परिवार में खुशियां छाई हैं। उनकी बेटी रश्मि ने बताया कि 14 वर्ष पहले मां के पेट में ट्यूमर का पता चला था। पिता का प्रमोशन नहीं हाे रहा था तथा भाई-बहनों की शादी में रोड़े आ रहे थे। शारदीय नवरात्र का समय था। पूरा परिवार मनोकामनाओं की मां काली के दर्शन करने पहुंचा था। जहां मां के स्वास्थ्य, पिता के प्रमोशन व भाई-बहनों की अच्छे परिवारों में शादी का मन्नत मांगा गया। मां काली की कृपा से मन्नत पूरी हुई। मां की बीमारी दूर हुई, पिता को प्रमोशन मिला तथा भाई-बहनों की शादी अच्छे परिवारों में हुई। रश्मि ने बताया कि प्रतिमा स्थापना का इंतजार खत्म होने पर उनके घर उत्सव का माहौल है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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