जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। खुद को हिंदूवादी संगठन का नेता बताने वाला और हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक उर्फ रज्जाक पहलवान का करीबी रहा अमित खम्‍परिया अंततः जेल भेज दिया गया। धोखाधड़ी के प्रकरण में कोर्ट ने उसे पांच साल की सजा से दंडित किया था। विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में मंडला कोर्ट से फरार घोषित अमित खम्‍परिया को गत दिवस मंडला में ही गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे जेल भेजने के निर्देश दिए थे। इस बीच मंडला जिला अस्पताल के चिकित्सकों की रिपोर्ट पर उसे हृदय रोग के इलाज हेतु मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सांठगांठ कर वह भर्ती होने में सफल रहा। इस दौरान अस्पताल के वार्ड में घूमने फिरने की उसकी फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल की गई। फोटो वायरल होने के बाद खम्‍परिया को मरीज बताकर अस्पताल में भर्ती करने का दांव उल्टा पड़ गया।

हिस्ट्रीशीटर रज्जाक पहलवान से करीबी होने पता चलने के बाद भी मंडला से मेडिकल तक उसे लाभ पहुंचाने वाले बैकफुट पर आ गए। जिसके बाद उसे मेडिकल कालेज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। सूत्रों का कहना है कि रज्जाक ने अमित खम्‍परिया और अपने मुंशी शरीफ उर्फ टकला के नाम पर भोपाल में प्रापर्टी पर करोड़ों का निवेश किया था। विदित हो कि संजीवनी नगर निवासी अमित खम्‍परिया, उमेश पांडेय, अनिरुद्ध सिंह चतुर्वेदी, रामजी द्विवेदी व दशरथ तिवारी ने अपने कर्मचारियों रज्जन ठाकुर, अमित पांडेय, श्रीकांत शुक्ला, शनि ठाकुर और अजय बाल्मीक के जरिए मंडला के कान्हा में 2011-12 में टोल ठेका में गड़बड़ी कराई थी। कान्हा टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों से दो-तीन गुना तक टोल वसूली की जाती थी। जिसके बाद मार्कर का उपयोग कर रसीदों में छेड़छाड़ की जाती थी। उक्त मामले में नैनपुर न्यायालय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने खम्‍परिया को पांच साल की सजा और अर्थदंड लगाया था। जिसके बाद मंंडला पुलिस ने अमित खम्‍परिया को गिरफ्तार कर लिया था।

Posted By: Brajesh Shukla

NaiDunia Local
NaiDunia Local