जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जबलपुर से कार्यालय कल्याण आयुक्त एवं श्रम कल्याण संगठन के दफ्तर को भोपाल स्थानांतरित किया जा रहा है। केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय से इस संबंध में निर्णय हो चुका है। अगले दो तीन माह में जबलपुर का दफ्तर बंद कर सारे अधिकारी और कर्मचारी भोपाल में बैठना शुरू हो जाएंगे। ये मप्र और छत्तीसगढ़ के बीड़ी श्रमिक और खदान मजदूरों के लिए उपयोगी दफ्तर है, जिसका मुख्यालय करीब 35 साल से जबलपुर में है। तर्क दे रहे हैं देश के हर प्रदेश में यह दफ्तर होता है, जो प्रदेश की राजधानी में ही बनाया जाता है, ताकि काम में आसानी हो। जबलपुर में इस दफ्तर के स्थानांतरण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। भारतीय मजदूर संघ ने इस संबंध में केंद्रीय श्रम मंत्री को ई-मेल के जरिए आपत्ति दर्ज कराई है।

सिविल लाइन में स्थित कार्यालय कल्याण आयुक्त एवं श्रम कल्याण संगठन के दफ्तर में पहुंचकर भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री कृष्णकांत शर्मा ने कल्याण आयुक्त बीआर खेमांडु को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई थी। संघ के विकास गोंटिया, पवन गोमस्त, देवेंद्र पटेल, नीरज पटेल,क्षितिज दुबे आदि ने विभाग जाने का विरोध किया।

30 लोगों का स्टाफ-

कार्यालय कल्याण आयुक्त एवं श्रम कल्याण संगठन कार्यालय में वर्तमान में आयुक्त समेत 30 कर्मचारी पदस्थ है। जो दो माह में भोपाल में स्थानांतरित हो जाएंगे। इस संबंध में आयुक्त बीआर खेमांडु ने कहा कि केंद्रीय स्तर पर यह निर्णय हुआ है इस संबंध में हमारे स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता है।

पीएमसी का रेवेन्यु विभाग भी भेजा-

बिजली कंपनी का मुख्यालय भी लगातार अफसर भोपाल भेजने में जुटे हैं। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी के पहले रीजनल दफ्तर खोले गए। जहां मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी तैनात किए गए। काम को हल्का करने का हवाला देते हुए यह निर्णय हुआ था। इस दौरान पावर मैनजमेंट कंपनी के रेवेंन्यु विभाग के मुखिया और कुछ कर्मियों को भोपाल बिजली दफ्तर में बैठा दिया गया। कंपनी प्रबंधन ने दावा किया कि विभागों को भेजा नहीं गया है जबकि विभागों के मुखिया ही भोपाल में जम चुके हैं। यहां तक की पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक भी ज्यादातर वक्त भोपाल मुख्यालय में गुजारते हैं। कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि इससे पहले हाईकोर्ट का विखंडन कर दिया गया। प्रदेश का संचालनालय कौशल विकास का मुख्यालय जबलपुर में हाेते हुए भी कमजोर कर दिया गया। यहां होने ज्यादातर कार्य भोपाल में हो रहे हैं। वहां अलग दफ्तर बना दिया गया है। जहां प्रमुख अधिकारी बैठ रहे हैं।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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