जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। एंटी माफिया अभियान जारी है, जिसके तहत आए दिन भू माफिया व मादक पदार्थ के अवैध कारोबारी, जुआरियों व सटोरियों को निशाना बनाया जा रहा है। जुआ किंग फड़बाज कांग्रेस नेता गज्जू सोनकर व उसके परिवार के खिलाफ कार्रवाई से शुरू की गई मुहिम में 65 करोड़ रुपये से ज्यादा की शासकीय भूमि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई जा चुकी है। कुंगवा में शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा कर खोले गए ढाबा पर जेसीबी गरजी और भवन को जमींदोज कर दिया। चार अलग—अलग प्रकरण में शनिवार को लाखों रुपये की सरकारी जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई।

तहसीलदार गोरखपुर अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देश पर जारी एंटी माफिया अभियान में कुंगवा में 4 हजार 700 वर्गफीट शासकीय जमीन अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जिसकी कीमत 75 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई में तुलसी डुडेजा द्वारा लगभग 40 लाख रुपये कीमती 2 हजार 400 वर्गफीट नजूल भूमि मुक्त कराई गई। जिस पर कब्जा कर वह तुलसी ढाबा का संचालन कर रहा था। कुगंवा में ही कुमार मोटर गैरेज के संचालक गुलजार खान द्वारा के कब्जे से 35 लाख रुपये की सरकारी जमीन मुक्त कराई गई। जमीन पर कब्जा कर गुलजार गैरेज का संचालन कर रहा था। इसी क्षेत्र में दो अन्य मोटर मैकेनिक से सरकारी जमीन कब्जे से मुक्त कराई गई। विदित हो कि प्रशासन, पुलिस व नगर निगम की संयुक्त टीम माफिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

जहरीली शराब बेचने वालें होंगे नेस्तनाबूत: इधर, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने जहरीली शराब के अवैध कारोबार में लिप्त अपराधियों को नेस्तनाबूत करने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद पुलिस ने शराब व अन्य मादक पदार्थ के अवैध कारोबारियों की धरपकड़ तेज कर दी है। विदित हो कि मुरैना में जहरीली शराब का सेवन करने से कई लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद अवैध रूप से शराब का निर्माण करने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल खांडेल ने बताया कि शराब व अन्य मादक पदार्थ के अवैध कारोबार में लिप्त तस्करों के आय के स्रोत का पता लगाया जा रहा है। अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति को नष्ट किया जाएगा। तस्करों द्वारा शासकीय भूमि पर बेजा कब्जा ​कर किए गए निर्माण का पता लगाया जा रहा है जिन्हें जमींदोज किया जाएगा।

कई माफिया व तस्कर निशाने पर: जिल के कई माफिया, तस्कर व आदतन अपराधी पुलिस—प्रशासन के निशाने पर हैं। कलेक्टर न्यायालय में लंबित जिलाबदर व एनएसए प्रकरणों का निराकरण कर अपराधियों को जिले की सीमा से बाहर किया जा रहा है। उन्हें हर माह निर्धारित तिथियोें में थाने में उपस्थित होकर हाजिरी देने का फरमान सुनाया जा रहा है। वहीं उनके द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जे का भी पता लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि जिले में ऐसे 50 से ज्यादा अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की रूपरेखा बनाई जा रही है।

Posted By: Ravindra Suhane

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