जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि Jabalpur Corona Updateकोरोना महामारी के उपचार में उपयोगी रेमडेसिविर इंजेक्शन की मारामारी गुरुवार को भी जारी रही। एक दिन पहले शहर में जहां एक-एक डोज के लिए मरीज तरसे वहीं दूसरे चंद इजेक्शन पहुंचे तो उसे खरीदने वालों की भीड़ उमड़ गई। प्रशासन को निगरानी में इंजेक्शन बंटवाना पड़ा। लेकिन जरुरतमंदों को फिर भी इंजेक्शन नहीं मिल पाए। सिफारिश लेकर पहुंचे कुछ मरीजों के रिश्तेदार इंजेक्शन के एक मुश्त डोज ले गए। कुछ ने एडवांस इंजेक्शन के लिए राशि तक दी। इधर जिला अस्पताल में भी महज 30 इंजेक्शन ही पहुंचे।

एक हजार से ज्यादा मरीज उपचाररत: जिस अंदाज में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसके मुताबिक हर दिन दो हजार रेमडेसीवर इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। निजी अस्पतालों में इन दिनों एक हजार से ज्यादा मरीज कोरोना का उपचार करवा रहे हैं। जानकारों की माने तो ज्यादातर मरीज के लिए इस इंजेक्शन का डोज दिया जा रहा है। ऐसे में डिमांड बढ़ गई है। कमी बताकर निजी अस्पतालों ने इंजेक्शन के दाम भी मनमाने वसूलने शुरू किए है। गत दिवस मदनमहल थाने के करीब एक निजी अस्पताल में रेमडेसीविर इंजेक्शन के दो डोज 10 हजार 800 रुपये में मरीज को दिए। जबकि इनकी कीमत इससे कम बताई जा रही है।

एक्सपायरी डेट मिटाकर बेच रहे इंजेक्शन: शहर में कई दुकानदार इंजेक्शन की कमी का फायदा उठाने से बाज नहीं आ रहे हैं। जनवरी-फरवरी माह में जिस रेमडेसीविर इंजेक्शन की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है उसे भी ऐसे वक्त में डेट मिटाकर बेचा जा रहा है। गोल बाजार स्थित एक दवा दुकान में एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन कम कीमत में ग्राहक को बेचने का ऑफर दिया गया। दुकानदार से जब ग्राहक ने इसके नुकसान पर सवाल किया तो दुकानदार ने कहा कि शहर के कई निजी अस्पतालों में चिकित्सक बिना मरीज की जानकारी के एक्सपायरी डेट के ही इंजेक्शन का उपयोग कर रहे हैं।

सांसद कोटे से सिर्फ 30 इंजेक्शन: सांसद राकेश सिंह की तरफ से शेष बची सांसद निधि में 10 हजार इंजेक्शन के लिए दवा कंपनी से संपर्क किया हुआ है। पहले चरण में 3500 इंजेक्शन मिलने का दावा था लेकिन गुरुवार को तक महज 30 इंजेक्शन ही पहुंचे। मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.रत्नेश कुरलिया ने कहा कि 25-30 इंजेक्शन विक्टोरिया अस्पताल में मिले है ये सभी सांसद कोटे से ही मिले हैं।

नेता हो गए क्वारेंटाइन: बढ़ते कोरोना संक्रमण और रेमडेसीविर इंजेक्शन की कमी के बीच शहर के नेता भी क्वारेंटाइन हो गए है। ड्रग एसोसिएशन के सचिव चंद्रेश जैन ने कहा ये बहुत ही नाजुक हालात है। शहर में हर दिन दो हजार इंजेक्शन की जरूरत है लेकिन सप्लाई बहुत कम हो रही है। जरूरी है कि प्रशासन या पारदर्शी तरीके से दवाओं का वितरण जरुरमंदों के लिए हो। उनके अनुसार जनप्रतिनिधियों को इसके लिए अतिरिक्त प्रयास करना चाहिए।

Posted By: Sunil Dahiya

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags