अतुल शुक्ला, जबलपुर। जबलपुर के सिहोरा से लगे पान उमरिया के रहने वाले अभय लोधी ने कभी सोचा भी नहीं था कि बचपन से ड्रोन बनाने की चाहत उन्हें बड़े मुकाम पर पहुंचा देगी। अभय द्वारा तैयार किए गए ड्रोन की मांग देश में ही नहीं बल्कि आस्ट्रेलिया से लेकर जर्मन और साउथ अफ्रीका तक है। आस्ट्रेलिया सरकार को अभय का ड्रोन इतना पसंद आया कि उन्होंने उसे इसका पेटेंट तक दे दिया। वहीं इससे आधुनिक ड्रोन बनाने के लिए ग्रांट भी दे रहा है।

नईदुनिया के युवा उद्यमी में हम आज आपको जबलपुर के 23 साल के एक ऐसे युवा इंजीनियर और उद्यमी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने तितली की तरह दिखने वाला एक ऐसा ड्रोन तैयार किया है, जो सामान्य उड़ता तो तितली की तरह है, लेकिन फसलों के ऊपर उड़ान भरने के कुछ मिनट के भीतर ही यह आपका उस फसलों की बीमारी से लेकर उनके उपचार तक की जानकारी दे देता है। इतना ही नहीं जरूरत पड़ने पर यह फसल और पौधों की संख्या बताने में भी सक्षम है।

23 साल में बनाई खुद की कंपनी-

नईदुनिया को अभय ने बताया कि एमएसएमई की मदद से 2018 में ड्रोन बनाने का काम शुरू किया, लेकिन आज तक एक भी ड्रोन कमर्शियल नहीं किए। उन्होंने बताया कि मैं भी इंदौर से बीटेक कर रहा हूं और लगातार ड्रोन भी बना रहा है। अगस्त 2022 में मैंने ड्रोन बनाने वाली लिमिटेड कंपनी बनाई, जिसके डायरेक्टर मेरे पिता ओमप्रकाश पटेल हैं। कंपनी भले ही ड्रोन बनाती है, लेकिन अभी में ड्रोन बेचने की बजाए इसे और आधुनिक बनाने और इसकी लागत कम करने पर काम कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि इसमें सफलता मिलेगी।

2012 में बनाया था पहला उपकरण-

अभय लोधी बताते हैं कि बचपन से ही मुझे ड्रोन बनाने का चाहत रहती थी। स्कूल से मुझे जब भी वक्त मिलता, मैं इलेक्ट्रोनिक उपकरणों से खेलना शुरू कर देता है। मैंने अपना पहला ड्रोन 2012 में तैयार किया, जो सामान्य तौर पर उड़ने वाला था। इसके बाद लगातार इस पर शोध करता रहा और आज एक तितली की तरह दिखने वाले आधुनिक ड्रोन तैयार किया है, जिसकी मदद से फसलों की हालात, बीमारी और उपचार करना संभव हो गया है। मैंने इसका नाम एग्रो फ्लाई ड्रोन दिया है। इसके साथ खेती को आसान करने के लिए दो आधुनिक उपकरण भी तैयार किए हैं। इसे एक उपकरण का नाम आर्टिफिशियल फसल दृश्य प्रणाली दिया है और दूसरा उपकरण का नाम स्वाइल टेस्ट दिया है।

तीन उपकरण, तीन पेटेंट

एग्रो फ्लाई ड्रोन- अभय द्वारा तैयार किया एग्रो फ्लाई ड्रोन बनाया है, जिसे आस्ट्रेलिया सरकार ने पेटेंट दिया। इसकी मदद से फसलों की बीमारी, उपचार किया जा रहा है। आस्ट्रेलिया सरकार ने अभय को तितली ड्रोन से भी आधुनिक ड्रोन तैयार करने की जिम्मेदारी दी है, जिसके बाद वह एक साथ कई ऐसे ड्रोन बना रहे हैं, जो आपस में डाटा बेस से जुड़े रहेंगे और एक साथ फसल के ऊपर उड़कर उसका डाटा सिस्टम तक पहुंचाएंगे।

आर्टिफिशियल फसल दृश्य - जर्मन सरकार के सामने इस उपकरण का सफल परीक्षण किया गया, जिसके बाद अभय को जर्मन सरकार ने इस का पेटेंट दिया है। इस उपकरण की मदद से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए फसल उत्पादन का पूर्व अनुमान और उसकी वृद्धि के आंकड़े लिए जा सकते हैं। इसकी मदद से किसान, फसल की अच्छी उपज ले सकता है और लागत कम कर सकता है।

स्वाइल टेस्ट उपकरण- इस उपकरण का अफ्रीका में सफल परीक्षण किया गया, जिसके बाद वहां की सरकार ने अभय को इस उपकरण का पेटेंट दिया। इसका काम आइओटी आधारित सटीक मिट्टी उर्वकता का मापा जा सकता है। इसमें मौके पर ही खड़े होकर मिट्टी में मौजूद पौषक तत्वों की जानकारी देता है। इसके लिए किसान को मिट्टी की जांच करने लैब में जाने की जरूरत नहीं है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close