जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कोरोना के कारण विद्यालय बंद रहे। भले ही आनलाइन कक्षाएं चल रही हों लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई ऐसे बच्चे भी हैं जिनके पास आनलाइन शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा नहीं है और उन्होंने विद्यालय जाना भी छोड़ दिया है। उनके माता-पिता ने उन्हें खेतों में काम करने और मजदूरी करने में लगा दिया है। एनएसएस के स्वयंसेवियों ने ऐसे गांवों में जाकर बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने का कार्य करना शुरू किया है।

गांव को ले रहे गोद : शासकीय विज्ञान महाविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवी शहर से लगे हुए गांव पिपरिया में जाकर बच्चों को विद्यालय जाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और उनके माता-पिता को भी समझा रहे हैं कि बच्चों को विद्यालय भेजें। उन्हें शिक्षा से दूर न करें। एनएसएस स्वयंसेवी जतिन जैन ने बताया कि बीते साल भी एनएसएस ने भेड़ाघाट के पास का एक गांव गोद लिया था जहां जाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया था। इस वर्ष पिपरिया गांव गोद लिया है जहां हम सभी स्वयंसेवी 10-10 का ग्रुप बनाकर जाते हैं और लोगों को जागरूक कर कर रहे हैं। एनएसएस के साथ ही युवा चाइल्ड प्रोजेक्टशन क्लब के माध्यम से जुड़कर भी जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। शिक्षा के साथ-साथ हम सभी ग्रामीणों को मास्क लगाने, शारीरिक दूरी का पालन करने और टीकाकरण करवाने के लिए भी जागरूक कर रहे हैं। एनएसएस स्वयंसेवी लगातार लोगों को कोराना महामारी से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही स्वच्छता को अपनाने की सीख भी स्वयंसेवियों द्वारा दी जा रही है। यह आयोन महाविद्यालय के सीपी क्लब प्रभारी डा. कोष्टा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

Posted By: Brajesh Shukla

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